पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में सोमवार सुबह पंजाब और उत्तर प्रदेश पुलिस से मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तान समर्थक तीनों आतंकियों के शवों का मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम सुबह 11 बजे से कराए जाने की सूचना थी, लेकिन तब सभी के परिजन यहां नहीं पहुंचे थे। पंजाब पुलिस आतंकियों के परिजनों को लेकर पीलीभीत पहुंची। इसके बाद ही पोस्टमार्टम शुरू हुआ। पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस का सख्त पहरा है। कई थानों की पुलिस मौजूद है।
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Pilibhit Encounter: पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आतंकी जसनप्रीत सिंह के पिता स्वरूप सिंह, गुरविंदर सिंह के पिता गुरुदेव सिंह और वीरेंदर सिंह के जीजा गुरमीत सिंह पीलीभीत पहुंचे। तीनों के परिजनों ने बड़ा दावा किया। पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमले की घटना पर कहा कि हमारे बच्चे इस तरह की घटना नहीं कर सकते हैं। पंजाब पुलिस हमारे घर के आसपास तक नहीं आई है। उन्हें सीधे तीनों के एनकाउंटर में मारे जाने की सूचना मिली।
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Pilibhit Encounter
- फोटो : अमर उजाला
पूरनपुर क्षेत्र में हुई थी मुठभेड़
पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में माधोटांडा मार्ग पर खालिस्तान समर्थक आतंकियों से सोमवार सुबह मुठभेड़ हुई थी। तीनों आतंकियों को पंजाब और पीलीभीत पुलिस ने साझा कार्रवाई में मार गिराया था। आतंकियों की पहचान गुरविंदर सिंह (25), वरिंदर सिंह उर्फ रवि (23) और जसनप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह (18) के रूप में हुई है। तीनों पंजाब में गुरदासपुर जिले के रहने वाले थे। उन पर कलानौर थाने की बख्शीवाल चौकी पर ग्रेनेड से हमला करने का आरोप था। पंजाब पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी।
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- फोटो : अमर उजाला
जंगी एप से चला आतंकियों का पता
तीनों आतंकी 18 दिसंबर की देर रात पंजाब में गुरदासपुर के कलानौर थाने की बख्शीवाल पुलिस चौकी पर हमला कर फरार हुए थे। इसके बाद करीब 800 किलोमीटर दूर आकर पीलीभीत के पूरनपुर इलाके में आकर शरण ली थी। जंगी एप से इनका एक वीडियो हाथ में लगने के बाद पंजाब पुलिस पीछा करते हुए यहां आ पहुंची। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से चौकी पर हमले के करीब 100 घंटे के भीतर स्थानीय पुलिस की मदद से मुठभेड़ में मार गिराया।
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वीरेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह और जसन प्रीत सिंह के फाइल फोटो
- फोटो : यूपी पुलिस
दो दिन पहले आकर होटल में ठहरने की चर्चा
मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों का स्थानीय कनेक्शन बड़ा सवाल है। आतंकियों के नगर में किसी होटल में ठहरने की चर्चा जोरों पर है। पंजाब में वारदात कर आतंकी पीलीभीत कब और क्यों आए, यहां उनके संपर्क में कौन है, यहां किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में तो नहीं थे। ऐसे कई सवाल हैं, जो लोगों के जेहन में घूम रहे हैं। एडीजी रमित शर्मा ने प्रेसवार्ता में खालिस्तानी अपराधियों के जिले में पहुंचने, स्थानीय कनेक्शन और अन्य सवालों के जवाब में विवेचना जारी होने की बात कही।