प्रदेश के बजट में इको टूरिज्म के योजनाबद्ध विकास के लिए एक बोर्ड के गठन का प्रस्ताव है। दुधवा बड़ा पर्यटन स्थल है, जिसकी जैव विविधता विशिष्ट है। बोर्ड के गठन के बाद प्रथम चरण में देश-विदेश के बड़े ब्लॉगर्स को यहां बुलाकर दुधवा की प्राकृतिक खूबियों का प्रचार-प्रसार की योजना है। इसकी सूची तैयार की जा रही है।
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Eco Tourism: दुनिया देखेगी दुधवा की खूबसूरती... अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर्स बताएंगे यहां की खासियत
Sat, 25 Feb 2023 02:33 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 25 Feb 2023 02:33 PM IST
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दुधवा में घूमता टाइगर
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दुधवा पार्क
- फोटो : अमर उजाला
जैव विविधता से भरपूर हैं चारों टूरिस्ट सर्किट
दुधवा में इको टूरिज्म के लिहाज से चार टूरिस्ट सर्किट बनाए गए हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के तीनों और दक्षिण खीरी वन प्रभाग का एक टूरिस्ट सर्किट प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से भरपूर है। बफरजोन में बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरन, चीतल पाढ़ा आदि वन्यजीवों से बहुलता है। वहीं मैलानी रेंज के बरौंछा नाला में बारहसिंगा, हिरनों को कुलाचे भरते देखा जा सकता है।इसी सर्किट पर नगरिया झील स्थानीय और प्रवासी परिंदों के लिए प्रसिद्ध हैं। भीरा रेंज का भादीताल सारसों का प्राकृतिक हैबिटेट है। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी रेंज में भी बाघों का ठिकाना है। इस सर्किट पर सेमरई झील सैलानियों को आकर्षित करती है। यहां भी बड़ी संख्या में प्रवासी परिंदे आते हैं। चारों सर्किटों की समद्ध जैवविविधिता सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
दुधवा टाइगर रिजर्व
- फोटो : अमर उजाला
गांवों की बदलेगी तस्वीर
इको टूरिज्म सिर्फ जंगल के पर्यटन से संबंधित नहीं है। इसके विकास से गांवों की भी तस्वीर बदलेगी। जंगल की दुनिया से इंसानों का किस तरह से तालमेल बैठाया जाए, जिससे पर्यावरण को क्षति पहुंचे बिना आर्थिक तरक्की हो। इको टूरिज्म की महती आवश्यकता है। इसके लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित और जागरूक किया जाएगा। इसके मद्देनजर रोजगार का सृजन किया जाएगा।
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दुधवा
थारू उत्पाद को मिलेगी रफ्तार
हस्तशिल्प और नेचर फ्रेंडली उत्पाद इको टूरिज्म के मुख्य बाजार होते हैं। ऐसे में थारू उत्पाद को आने वाले दिनों में बढ़ावा मिलेगा। हालांकि पहले से ही थारुओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद को राष्ट्रीय बाजार में ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन दुधवा का जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार तेज होगा तो यहां के उत्पाद को भी बाजार मिलेगा।यूपी इको टूरिज्म के निदेशक प्रखर मिश्रा ने बताया कि प्रथम चरण में दुधवा की प्राकृतिक विविधता को सामने लाने के लिए देश-विदेश के प्रमुख ब्लॉगर्स, फोटोग्राफर्स को यहां बुलाकर वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी व अन्य माध्यमों प्रचार-प्रसार किया जाएगा। दूसरे चरण में अवस्थापना संबंधी जो भी कमी है, उसे पूरा किया जाएगा।
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दुधवा में गैंडा
- फोटो : सोशल मीडिया
99 करोड़ से समृद्ध होगा पर्यटन
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत जिला स्तरीय निवेश कुंभ में पर्यटन सेक्टर में आठ कंपनियों ने 99 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिससे 572 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।कंपनी- निवेश प्रस्ताव
1- द सनशाइन- 5 करोड़-
2- एवीसी हॉस्पिटैलिटी- 15 करोड़
3- द जलसा ग्रैंड- 8 करोड़
4- फन मॉल श्रीजी एंटरप्राइजेज- 5 करोड़
5-इको टूअर्स एंड फेअर-20 करोड़
6-द अननोन प्लैनेट एमर्जिंग- 35 करोड़
7- टाइगरैनो रेसॉर्ट- 1 करोड़
8- रिवर व्यू रेसॉर्ट- 10 करोड़