बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में बदायूं से सटी रामगंगा कटरी में जमीन पर कब्जे को लेकर ऐसा खूनी खेल हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हिस्ट्रीशीटर सुरेश तोमर प्रधान ने हथियारबंद साथियों के साथ मिलकर बुधवार शाम को सरदार परमवीर सिंह के गुट पर हमला बोल दिया था। कई घंटे तक गोलियां चलीं, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो परमवीर गुट के थे, जबकि सुरेश तोमर गुट का बताया गया। इस गोलीकांड में परमवीर पक्ष की ओर से सुरेश तोमर को नामजद करते हुए 18 नामजद लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। पुलिस इस मामले में अब तक 11 लोगों को हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी सुरेश तोमर फरार है। घटना के बाद से दहशत का माहौल है। वहीं कटरी में हुए खूनी खेल के पीछे जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद है। आरोपी सुरेश द्वारा जमीन को लेकर की गईं शिकायतों पर परमवीर सिंह पर 53 लाख का जुर्माना भी लग चुका है।
Bareilly News: कई घंटे चलीं गोलियां... तीन हत्याएं, पढ़ें- कटरी में हुए 'खूनी खेल' के पीछे की कहानी
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रामगंगा पार गोविंदापुर गांव में करीब एक हजार बीघा भूमि पर खेती को लेकर विवाद रहता है। इसमें करीब पांच सौ बीघा जमीन परमवीर पक्ष अपनी बताता है। जबकि दो सौ बीघा पर जोत को लेकर दोनों गुटों में ज्यादा रस्साकशी है। इसी जमीन पर परमवीर गुट के लोग गन्ना कटान कर रहे थे। तभी सुरेश पाल सिंह तोमर उर्फ सुरेश प्रधान रामगंगा में स्टीमर से करीब 25 असलहाधारी लोगों को लेकर आया और दोनों पक्षों में तकरार के बाद खेतों में ही फायरिंग शुरू हो गई। इसमें परमवीर पक्ष के परमेंद्र व देवेंद्र की गोलियां लगने से मौत हो गई। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति की मौत हुई जिसे सुरेश गुट का गोलू बताया गया है। परमवीर गुट के सुरेंद्र भी घायल हुए तो फरार सुरेश प्रधान के भी घायल होने की बात बताई जा रही है।
सच की खोज एकेडमी खोली, बंजर फसल में की हरियाली
भमोरा थाना क्षेत्र के गांव त्रिकुनिया से आगे कटरी में सरदार परमवीर सिंह का फार्म हाउस के साथ सच की खोज एकेडमी भी है, जिसमें पंजाब हरियाणा व विदेशों से शिक्षा प्राप्त करने के लिए सिख समुदाय के युवक आते हैं। परमवीर पक्ष का दावा है कि वह इस इलाके को खेती व शिक्षा के नजरिये से उन्नत बनाने का काम कर रहे हैं, जबकि अराजक तत्व उन्हें परेशान कर रहे हैं। इसी के पास खाली पड़ी जमीन को सुरेश प्रधान गुट अपनी बताता है। सूत्रों के मुताबिक कुछ अपनी तो कुछ सरकारी जमीन को परमवीर सिंह ने फसल योग्य बना लिया। बंजर जमीन जब फसल देने लगी तो सुरेश प्रधान ने इस पर हक जताना शुरू कर दिया और बार-बार टकराव इसी वजह से हो रहा था।
सुरेश ने की शिकायतें, लगा था 53 लाख का जुर्माना
सुरेश पक्ष ने पिछले छह माह में सरदार परमवीर के खिलाफ सात मुकदमे फरीदपुर थाने में दर्ज कराए, जिसमें छेड़छाड़, एससी एक्ट, जान से मारने की कोशिश समेत तमाम मुकदमे हैं। सुरेश ने परमवीर को भूमाफिया साबित करने के लिए शासन में शिकायत की थी। तब फरीदपुर तहसील प्रशासन ने एक टीम बनाकर मौके पर जांच कराई जिसमें परमवीर सिंह का कब्जा बंजर भूमि पर पाया गया। तहसीलदार कोर्ट ने पहले सरदार परमवीर के खिलाफ नोटिस जारी किया। जवाब न मिलने पर लेखपाल की रिपोर्ट पर तहसीलदार कोर्ट ने नौ जनवरी को परमवीर सिंह को बेदखल कर हर्जाना 53 लाख रुपये वसूलने का आदेश जारी किया।
सुरेश के उझानी आवास पर बरेली पुलिस ने दी दबिश
सुरेश प्रधान ने कई साल से बदायूं के उझानी कस्बा के किलाखेड़ा मोहल्ले में शानदार आवास बना रखा है। जब घटना के बाद सुरेश प्रधान के घायल होने और उसके लोगों द्वारा उसे उठा ले जाने की बात पुलिस को बता लगी तो एडीजी के निर्देश पर तत्काल एक टीम ने उझानी में सुरेश के घर दबिश दी। हालांकि सुरेश घर पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस की टीम ने उझानी व बदायूं के कई अस्पतालों में सुरेश की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।