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UP: मम्मी-पापा को बता देना सब ठीक है...कल बात करूंगा; बलिदानी लखविंदर ने पत्नी को भेजा था ये आखिरी ऑडियो संदेश

Wed, 04 Jun 2025 08:21 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 04 Jun 2025 08:21 AM IST
सार

सिक्किम के लाचुंग में सोमवार को हुए भूस्खलन में पीलीभीत जिले के कलीनगर तहसील के गांव धुरिया पलिया निवासी सैनिक लखविंदर सिंह बलिदान हो गए। गांव में सूचना पहुंची तो परिजन बदहवास हो गए।

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Havildar Lakhwinder sacrificed his life in Sikkim landslide Lakhwinder had sent last audio message to his wife
भूस्खलन में बलिदान हुए हवलदार लखविंदर सिंह के घर गमगीन परिजन - फोटो : संवाद
यहां सब ठीक है... बस नेटवर्क की समस्या है। मम्मी-पापा से बात नहीं हो पा रही है। बता देना सब ठीक है, कल बात करूंगा। सिक्किम में भूस्खलन में बलिदान हुए पीलीभीत के हवलदार लखविंदर सिंह (38) ने शनिवार को पत्नी को भेजे गए आखिरी ऑडियो संदेश में ये बातें कही थीं। 


किसी को क्या पता था कि उनकी यह इच्छा कभी पूरी न हो सकेगी और तिरंगे में लिपटा हुआ उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचेगा। सोमवार शाम उनके बलिदान होने की खबर मिली तो पिता गुरुदेव सिंह ने किसी तरह खुद को संभाला, लेकिन पत्नी रुपिंदर कौर और मां गुरमीत कौर बेसुध हो गई। 
 
Havildar Lakhwinder sacrificed his life in Sikkim landslide Lakhwinder had sent last audio message to his wife
हवलदार लखविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
कलीनगर तहसील के गांव धुरिया पलिया निवासी लखविंदर के चाचा सेवानिवृत्त फौजी जसवीर सिंह ने बताया कि वह बेटी के जन्म से पहले 50 दिन की छुट्टी पर घर आए थे। बेटी के जन्म के बाद 20 अप्रैल को ड्यूटी पर गए थे। 

 
Havildar Lakhwinder sacrificed his life in Sikkim landslide Lakhwinder had sent last audio message to his wife
पत्नी, मां व अन्य परिजनों के नहीं थम रहे आंसू - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि सिक्किम में नेटवर्क की दिक्कत होने के कारण लखविंदर से संपर्क नहीं हो पा रहा था। शनिवार को रुपिंदर को ऑडियो संदेश भेजकर उन्होंने अपना हाल बताया था। इसमें कहा था कि यहां सब ठीक-ठाक है। मम्मी-पापा से बात नहीं हो पा रही। कहना कल बात करूंगा।
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Havildar Lakhwinder sacrificed his life in Sikkim landslide Lakhwinder had sent last audio message to his wife
शोकाकुल परिजन - फोटो : अमर उजाला
ढांढस बंधाने वाले भी बिलख पड़े 
लखविंदर के बलिदान होने की खबर पाकर ग्रामीण और सगे-संबंधी दिनभर परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचते रहे। पत्नी और मां का हाल देख लोग अपने आंसू न रोक सके। सात साल का बेटा एकमजोत भी पिता को याद कर बिलखता रहा। जसवीर सिंह ने बताया कि लखविंदर का पार्थिव शरीर बुधवार को गांव लाया जाएगा। 
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Havildar Lakhwinder sacrificed his life in Sikkim landslide Lakhwinder had sent last audio message to his wife
बलिदानी के पिता गुरदेव सिंह - फोटो : अमर उजाला
तीन साल में दो भाई बलिदान 
बचपन में साथ खेले, पढ़े और देश सेवा का संकल्प लिया। चचेरे भाइयों मनतेज और लखविंदर ने एकसाथ तैयारी की। एक ने एसएसबी और दूसरे ने सेना से जुड़कर देशसेवा शुरू की। 2023 में अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान तहेरे भाई मनतेज सिंह बलिदान हुए थे। अब लखविंदर सिक्किम में बलिदान हो गए। 

 
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