हाथरस में भोले बाबा के सत्संग में शामिल होने गए बरेली के सैकड़ों अनुयायी सकुशल लौट आए हैं। लेकिन भगदड़ का मंजर उनकी आंखों में तैर रहा है। स्थानीय संयोजकों के मुताबिक जिले से बड़ी संख्या में अनुयायी हाथरस गए थे। कोई ट्रेन से तो कोई निजी वाहन या फिर समूह में बसों को बुक करके गया था। सभी सकुशल लौट आए हैं। हालांकि, एक युवती के साथ अनहोनी की चर्चा भी रही लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। नवाबगंज की महिला घायल हुई है।
Hathras Stampede: 'जो गिरा वो उठ न सका... पलभर में बिछ गईं लाशें; मौत के मुंह से निकलीं ऊषा की आपबीती
ऊषा देवी ने बताया कि भगवान का शुक्र है कि वह जिंदा बच गईं। भगदड़ से वहां के हालात इतने भयावह हो गए थे, जिसे देख उनका कलेजा कांप गया। भगदड़ में गिरे लोगों को भीड़ रौंदती जा रही थी। जो एक बार गिर गया, वो दोबारा उठ नहीं सका। एक बार तो उन्हें भी लगा कि अब बच पाना मुश्किल है। हिम्मत बांधकर किसी तरह वह भीड़ से निकली। कुछ ही पलों में वहां लाशें बिछ गईं। ऊषा उस मंजर का याद कर सिहर उठीं।
भोले बाबा की संस्था मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम आयोजन समिति के संचालक जगदीश सरन जादूगर ने बताया कि बरेली के नवाबगंज, बहेड़ी, फरीदपुर, मीरगंज, आंवला, फतेहगंज पश्चिमी व फतेहगंज पूर्वी, भोजीपुरा, बल्लिया, भमोरा सहित तमाम इलाकों से सत्संग में भाग लेने के लिए 15 से 20 बसों में संगत हाथरस गई थी। कार्यक्रम के बाद बरेली के लोग लौट रहे थे, तभी हादसा हुआ। सत्संग से लौटे राम औतार, दीन दयाल, राजू, कालीचरन, मास्टर मुकेश ने बताया कि बरेली के सभी लोग सकुशल हैं। वे लौट रहे थे। रास्ते में हादसे का पता चला। हादसे से पहले ही बरेली की संगत निकल चुकी थी।
हादसे की खबर के बाद बरेली से गए लोगों के परिजन चिंतित दिखे। उन्होंने फोन करके अपनों का हाल जाना। सत्संग में गए लोगों ने भी एक-दूसरे को फोन करके उनका हाल लिया, जिसमें पता चला कि सभी सकुशल हैं। धीरे सभी लोग अपनी-अपनी बसों में पहुंच गए और घर लौट आए। कुछ इलाकों के लोग ट्रेन से भी हाथरस गए हैं। रात तक परिजन फोन कर उनकी जानकारी लेते रहे।
सत्संग में गए अनुयायियों में से कई ने बरेली से गए सभी लोगों के सकुशल होने की बात तो कही है, लेकिन एक अनुयायी के साथ अनहोनी की भी चर्चा शहर में रही। लोगों ने सुभाषनगर बदायूं रोड की युवती के साथ अनहोनी की बात कही। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।