बदायूं से हाथरस में भोले बाबा के सत्संग में गईं पांच महिलाओं समेत एक किशोरी की जान चली गई। बिल्सी कस्बे से एक निजी बस में सवार होकर करीब 55 लोग सत्संग में गए थे। उनमें 55 वर्षीय वीरवती और 16 वर्षीय रोशनी भी शामिल थी। मंगलवार को हादसे की सूचना पर उनके परिवार वाले भी हाथरस के लिए रवाना हो गए। उझानी की सुशीला ने बताया कि हाथरस में मंगलवार को दोपहर करीब दो बजे सत्संग समाप्त हुआ था। इसके बाद लोग पंडाल से निकल कर अपने-अपने वाहनों की ओर बढ़ने लगे तभी कुछ देर बाद भगदड़ मची गई। इस दौरान उनकी जान डेढ़ घंटे तक सांसत में रही। वह पहले ही भीड़ से दूर सड़क किनारे खड़ी हो गई थीं, जिससे उनकी जान बच गई।
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
बिल्सी कस्बे से मंगलवार सुबह करीब छह बजे निजी बस रवाना हुई थी। उसमें कस्बे के और आसपास के करीब 55 लोग सवार थे। कस्बे के मोहल्ला नंबर पांच निवासी रोशनी (अंजली) पुत्री कैलाश और ग्राम फतेहनगला निवासी वीरवती पत्नी प्रेमपाल भी अपने परिवार की महिलाओं के साथ सत्संग में शामिल होने गईं थीं। भगदड़ में उनकी भी जान चली गई।
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इसी सत्संग में बिसौली निवासी कुसुमा (38) पत्नी ज्ञानसिंह भी गईं थीं। वह भगदड़ में घायल हुई थीं, जिन्होंने दम तोड़ दिया है। इस्लामनगर के लभारी गांव निवासी धर्मवती (44) पत्नी जगपाल की भी मौत हो गई है। बिल्सी के ग्राम गढ़ी के रहने वाली मंगू देवी (60) पत्नी प्रेमपाल की भी इस हादसे में जान चली गई है। वहीं, सहसवान के ग्राम करियाबेन निवासी पिंकी शर्मा (25) पुत्री श्याम बाबू शर्मा की गई हादसे में मौत हो गई है।
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भगदड़ से पहले निकल आए...जान बची
अलापुर क्षेत्र के कई गांवों के लोग हाथरस में हुए सत्संग में शामिल होने गए। अधिकतर लोग भगदड़ से पहले लौट आए और सुरक्षित रहे। गांव इमादपुर से आठ, फजिल नगला सात, जगत से नौ, खरखोली पांच, कटिन्ना बरचऊ से 50, रामनगला, उपरौला से तीस, सिमरिया से दस, किसान नगला से सात, अलापुर से बीस, विसुनपुरी से आठ लोग सत्संग में शामिल होने अलग-अलग वाहनों से गए थे लेकिन यह सब लोग हादसे से पहले निकल आए थे।
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हाथरस हादसे पर प्रशासन ने बनाया कंट्रोल रूम
बदायूं जनपद स्तर पर देर रात कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। अब 05832-266054 और 7505389289 पर हाथरस हादसे से संबंधित सूचनाएं दर्ज कराई जा सकती हैं। जिनके परिजन नहीं मिल रहे हैं वे भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, अधिकारी भी इसकी निगरानी कर रहे हैं।