बरेली में अधिवक्ता के चैंबर में घुसकर तीन दोस्तों के साथ फायरिंग करने वाले युवक ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उसने बताया कि पिता ने कहा था कि काम न होने पर वकील साहब को ठोंक देना। हालांकि तीसरा फायर करने से पहले अधिवक्ताओं ने उसे पकड़कर तमंचा छीन लिया। पीड़ित अधिवक्ता ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
अधिवक्ता राजाराम सोलंकी ने पुलिस को बताया कि उनका चैंबर ऑफिसर्स हॉस्टल के पास है। शुक्रवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अपने चैंबर में बैठे थे। पास में ही उनकी पुत्री पूजा सोलंकी, सहयोगी मुकुल उर्फ निशांत तथा अन्य मुवक्किल बैठे थे। इसी दौरान सचिन पुत्र राजू निवासी ग्राम कोहनी थाना भमोरा तीन साथियों के साथ आया।
2 of 9
पीड़ित वकील राजा राम सोलंकी का चैंबर
- फोटो : अमर उजाला
सचिन आक्रोशित होकर बोला कि मेरे पिता राजू की फाइल के बारे में मुझे क्यों नहीं बता रहे हो। चीखते हुए कहा कि यह कार्य तुरंत करो नहीं तो आज अंजाम बुरा होगा।आरोपी सचिन ने कहा कि उसके पिता ने कहा है कि अगर फाइल के बारे में जानकारी न दें तो वकील साहब को ठोंक देना। अधिवक्ता ने उससे कहा कि कुछ देर में फाइल के बारे में बताता हूं। इतने में आरोपी सचिन के साथ आए तीन अन्य युवक एक राय होकर गोली मारने के लिए तैयार हो गए। तभी सचिन ने देव ठाकुर से गोली मारने के लिए कहा।
3 of 9
वकीलों ने आरोपियों को दबोचा
- फोटो : अमर उजाला
इतने में देव ने तमंचा निकालकर गोली चला दी। हालांकि गोली दीवार में जा लगी। पीड़ित ने बताया कि इतने में मेरे सहयोगी अधिवक्ता सुकुल उर्फ निशांत व मुवक्किलों व वकीलों ने उन्हें दबोच लिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। चारों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। सीओ पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की तहरीर मिल गई है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
4 of 9
घटना के बाद वकीलों में दिखा आक्रोश
- फोटो : अमर उजाला
कचहरी में मच गई अफरातफरी
गोली की आवाज सुनकर कचहरी परिसर में अफरातफरी का माहौल हो गया। जानकारी मिलते ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज हरित समेत अन्य पदाधिकारी अधिवक्ताओं के साथ पहुंच गए। इससे मामला तूल पकड़ने लगा। लेकिन सही समय पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
5 of 9
घटना के बाद जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ताओं को समझाने में लगे रहे सीओ और कोतवाल
अधिवक्ता पर गोली चलने की सूचना के बाद सभी अधिवक्ताओं ने कार्य और चैंबर छोड़ दिया और राजाराम सोलंकी के चैंबर के पास एकत्र हो गए। अधिवक्ताओं की भीड़ देख माहौल बिगड़ने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। घटना के बाद पूरे समय सीओ पकंज श्रीवास्तव और कोतवाल अमित पांडेय अधिवक्ताओं की भीड़ को शांत कराते रहे।