शाहजहांपुर के सिंधौली थाना पुलिस ने शनिवार को गांव शिवनगर निवासी अर्चना देवी के हत्यारोपी पिता सुखलाल को जेल भेज दिया। पिता के चेहरे पर जरा-भी शिकन नहीं थी। उसने बताया कि वह बेटी को समझा रहा था, लेकिन वह समझने के बजाय लड़ने लगी। वह अपने प्रेमी से शादी करने पर अड़ी थी। गुस्से में आकर उसने ईंट मार दी थी, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी पिता बेटी को जिंदा बोरी में बंदकर तालाब में फेंक आया।
शिवनगर निवासी इंटरमीडिएट की छात्रा अर्चना देवी का 24 जनवरी की सुबह शव दियरिया कल्याणपुर में तालाब के किनारे पड़ा मिला था। पुलिस शुरू से ही प्रेम-प्रसंग से जुड़ा मामला मान रही थी। पुलिस ने छात्रा के परिवार को ही केंद्र में रखकर जांच शुरू की तो सारी कहानी सामने आ गई। मोबाइल की सीडीआर ने सारा मामला ही साफ कर दिया। पुलिस ने अर्चना के प्रेमी अवनीश उर्फ मटरू को पकड़ा। इसके बाद पिता सुखलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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एसपी एस. आनंद
- फोटो : अमर उजाला
एसपी एस. आनंद ने बताया कि सुखलाल ने बेटी अर्चना को अवनीश के साथ खेत में देख लिया था। तब पिता ने पिटाई करने के साथ उसे कमरे में बंद कर दिया था। 21 जनवरी को जब सुखलाल की दोनों बहू घर पर नहीं थीं। तब उसने बेटी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह उससे लड़ने लगी।
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अर्चना का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सुखलाल ने अर्चना की शादी तय कर दी थी, लेकिन वह शादी के विरोध में थी। वह बोली कि शादी अपने प्रेमी मटरू से ही करेगी। यह सुनकर गुस्से में सुखला ने उसके सिर पर ईंट मार दी। इसके बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ी। सुखलाल ने रात 11 बजे बेटी के हाथ-पैर दुपट्टे से बांधे और तालाब में फेंक आया।
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अर्चना का फाइल फोटो, आरोपी पिता सुखलाल
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी सुखलाल ने पुलिस को बताया कि उसने पहले ही तय कर लिया था कि बेटी बात नहीं मानी तो उसकी हत्या कर देगा। इसलिए उसने 15 जनवरी को थाने और कोरोकुइयां चौकी में जाकर गुमशुदगी की तहरीर दी। उसका फोन बंद कर फेंक दिया।
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आरोपी पिता
- फोटो : अमर उजाला
हत्यारोपी पिता ने बेटी के प्रेमी को फंसाने की योजना बनाई थी। वह 15 जनवरी को सिंधौली थाने गया। बेटी की गुमशुदगी की तहरीर दी। इस बीच 18 जनवरी को उसका प्रेमी इंदौर चला गया। पुलिस ने उसे वापस बुलाया। उससे पूछताछ की तो पूरी कहानी बदल गई और हत्या का राज खुल गया।