आतंकी हमले, युद्ध आदि के खतरों के मद्देनजर शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर बरेली समेत मंडल के सभी जिलों में मॉकड्रिल हुई। शाम छह बजे पूरा शहर 10 मिनट के लिए अंधेरे में डूब गया। इस दौरान सायरन की आवाज और धमाकों का शोर गूंजता रहा। शाम छह बजे जजी, कलक्ट्रेट समेत सभी सरकारी कार्यालय, बाजार, रिहायशी इलाके और प्रमुख चौराहे अंधेरे में डूब गए। कलक्ट्रेट परिसर में पूर्वाभ्यास किया गया। मॉकड्रिल के दौरान लोगों को घरों में ही रहने के निर्देश दिए गए। मोबाइल फ्लैश, टॉर्च, माचिस के इस्तेमाल पर भी नजर रखी गई।
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मॉक ड्रिल में अभ्यास करते कर्मचारी
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बरेली के प्रमुख चौराहों पर यातायात रोककर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रमुख स्थानों, सैन्य ठिकानों का माहौल युद्ध जैसी आपात स्थिति में तब्दील हो गया। इस दौरान दुश्मन देश का हवाई हमला होने की दशा में पलटवार और राहत व बचाव कार्य की क्षमताओं को परखा गया। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि मॉकड्रिल पूरी तरह सफल रही। इस मौके पर वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, डीसी नागरिक सुरक्षा राकेश मिश्रा, डिवीजनल वार्डन शिवलेश पांडेय, संजय अग्रवाल, संजय पाठक, दिनेश कुमार सिंह समेत प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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मॉक ड्रिल के दौरान अफसर रहे मौजूद
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मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य
आतंकी हमला, बम धमाका, आग, भगदड़ या आपदा से निपटने की तैयारी, पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस के बीच बेहतर तालमेल, रिस्पॉन्स टाइम और रणनीति की वास्तविक जांच, आम नागरिकों को आपदा के प्रति सतर्क और जागरूक करना रहा।
ब्लैकआउट के दौरान नागरिक क्या करें
सभी लाइट, इनवर्टर व जनरेटर तुरंत बंद करें, खिड़की-दरवाजों के परदे बंद रखें, वाहन रोककर उसकी लाइट बंद कर दें, बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगों को सुरक्षित रखें, सरकारी सूचनाओं पर ध्यान दें।
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बदायूं में मॉक ड्रिल के दौरान मौजूद पुलिस अफसर
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बदायूं के सिटी मॉल में हुई मॉकड्रिल
बदायूं के सिटी मॉल में ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन हुआ। इस दौरान जिले की आपदा प्रबंधन व सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को परखा गया। सायरन बजते ही ब्लैकआउट हो गया व इलाके में सन्नाटा पसर गया। इस दौरान लोगों ने घरों व बाजार में दुकानों की लाइटें भी बंद कर दी। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। मॉकड्रिल के दौरान जिलाधिकारी अवनीश राय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह स्वयं मौके पर मौजूद रहे। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक नगर विजयेन्द्र द्विवेदी, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी अग्निशमन सहित अनेक प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
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पीलीभीत के ड्रमंड कॉलेज में हुई मॉक ड्रिल
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पीलीभीत में अफसरों ने मॉकड्रिल से परखीं तैयारियां
पीलीभीत में शुक्रवार शाम छह बजते ही शहर के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में अचानक से हवाई हमले का सायरन बज उठा। खतरा भांपते ही ब्लैक आउट हो गया और अफसर दौड़ पड़े। घायलों का आननफानन उपचार किया गया। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया... इस तरह ब्लैक आउट मॉकड्रिल से पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने मॉकड्रिल कर अपनी तैयारियां परखी। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि मॉकड्रिल का उद्देश्य यह है कि जब हमारे ऊपर किसी भी तरह की आपदा आती है। चाहे वह युद्ध हो अन्य कोई, हम अपने नागरिकों को कैसे बचा सकते हैं किस तरह सुरक्षा कर सकते हैं इसका पूर्वाभ्यास किया गया।