कानपुर से शुरू हुए आई लव मोहम्मद प्रकरण में शुक्रवार को बरेली में बवाल के हालात बन गए। इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने धरना-प्रदर्शन का एलान किया और खुद लापता हो गए। मौलाना को न देखकर समर्थक भड़क गए। नौमहला मस्जिद से शुरू हुआ विरोध जल्द ही बवाल में बदल गया। भीड़ ने दुकानों व वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित की। स्थिति यह हुई कि श्यामगंज में बवालियों के पीछे एसएसपी को लाठी लेकर दौड़ना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद शाम पांच बजे माहौल सामान्य हुआ। अब बवालियों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
Bareilly Violence: किसके एलान के बाद आई ये भीड़... कब और क्यों मचा बरेली में ये बवाल; कौन है असली गुनहगार?
मौलाना की अपील पर शहर के कई इलाकों में लोग सड़कों पर उतरे। आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर-बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। स्थिति बेकाबू हुई तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। सबसे दोपहर करीब तीन बजे खलील स्कूल के पास प्रदर्शन के दौरान कुछ खुराफातियों ने बाइकों में तोड़फोड़ कर दी।
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19 सितंबर को किया था विरोध प्रदर्शन का एलान
आई लव मोहम्मद मामले में नवी की शान में गुस्ताखी करने वालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मौलाना तौकीर ने 19 सितंबर को एलान किया था कि शुक्रवार को वह इस्लामियां इंटर कॉलेज मैदान में विरोध-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद कलक्ट्रेट जाकर वहां राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को देंगे। गुरुवार रात करीब 12 बजे पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने आईएमसी का पत्र मीडिया को भेजा, इसमें इस्लामियां कॉलेज में कोई कार्यक्रम न होने व नमाज के बाद पार्टी प्रमुख की ओर से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने का जिक्र था। पत्र की पुष्टि के लिए प्रयास किए गए तो आईएमसी पदाधिकारियों ने कॉल ही रिसीव नहीं की।
भीड़ बुलाई..वो आए लेकिन खुद गायब हुए मौलाना
रात में जारी पत्र को शुक्रवार की सुबह मौलाना ने वीडियो जारी कर फर्जी बताया। दावा किया कि विरोध-प्रदर्शन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप ही होगा। उन्होंने लोगों को बुलाया और अपील की कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताएं। दोपहर साढ़े तीन बजे तक मौलाना का कोई पता न चला। तब उनके बुलावे पर आए समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। शुरू में नौमहला मस्जिद पर मौलाना के आने की सूचना थी तो ज्यादातर भीड़ वहां जुटी। भीड़ ने वहां हंगामा व नारेबाजी शुरू कर दी। यहां मौजूद डीआईजी रेंज अजय साहनी व एसपी सिटी मानुष पारीक ने उन्हें समझाने की कोशिश की।
शाम पांच बजे तक जारी रही तकरार
भीड़ वहां से हटी तो बिहारीपुर में स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम के सामने बेकाबू हो गई। यहां उग्र युवकों ने एक डॉक्टर की दुकान के शीशे तोड़ दिए। दुकान के बाहर खड़ी दो बाइक में तोड़फोड़ कर दी। पीछे से आई पुलिस ने जब भीड़ को समझाया तो युवा हावी होने लगे। तब पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। फिर ऐसी भगदड़ मची कि भीड़ चप्पल छोड़कर भाग खड़ी हुई। इसके बाद शुरू हुआ पुलिस से तकरार का सिलसिला शाम पांच बजे तक जारी रहा। नावल्टी तिराहा, श्यामगंज समेत कई स्थानों पर भीड़ को रोकने के लिए बैरियर लगाए गए थे। यहां भी भीड़ बेकाबू हुई और पथराव की नौबत आई तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
अब कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी
नावल्टी चौराहे पर आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को खदेड़ा गया। साथ ही श्यामगंज बाजार में एसएसपी अनुराग आर्य के साथ सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठी चलाई। एसएसपी ने माइक हाथ में लेकर भी लोगों से घर जाने की अपील की। शहर में बवाल भड़काने के लिए पुलिस मौलाना व उनके सहयोगियों पर कानूनी शिकंजा कसने की रूपरेखा बना रही है। अभी मौलाना या पुलिस की ओर से कोई अधिकृत बयान जारी नहीं हुआ है।