बरेली के सीबीगंज स्थित कैंफर फैक्टरी (ओरियंटल एरोमेटिक्स लिमिटेड) में गुरुवार को धमाकों के बाद लगी आग बेशक बुझ गई हो लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। गुरुवार को ज्वलनशील पीएमपीएच के ड्रमों में लगी आग के कारण फैक्ट्री परिसर के अंदर कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए थे। इसके बाद मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। इस मामले में फायर ब्रिगेड की टीम में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए चेतावनी दी है कि फैक्ट्री में कभी भी दोबारा आग लगने के साथ विस्फोट हो सकता है।
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गुरुवार को लगी आग के बाद परेशान लोग
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बताया जा रहा है कि आग बुझने के बाद शुक्रवार को फैक्टरी में कामकाज शुरू हो गया, लेकिन जिस ज्वलनशील केमिकल में आग लगी थी, वह अब तक परिसर के नाले-नालियों में भरा हुआ है और कभी भी फिर हादसे की वजह बन सकता है। शुक्रवार को पूरे दिन नाले-नालियों से केमिकल को हटाने का काम चलता रहा, लेकिन अबतक उनसे खतरा बना हुआ है।
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फैक्ट्री में लगी थी भीषण आग
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परिसर की नालियों और मुख्य मार्ग के नाले तक केमिकल भरे हुए हैं। इसके लेकर सफाई के दौरान फैक्टरी प्रबंधन समेत सभी लोग तनाव में थे, क्योंकि यह केमिकल काफी ज्वलनशील है और आग के संपर्क में आने पर दोबारा हादसा हो सकता है। केमिकल की महक के कारण फैक्टरी परिसर में रहने वाले लोग अब भी परेशान हैं।
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विस्फोट से टूटे शीशे
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शुक्रवार को अग्निशमन विभाग के अधिकारी फैक्टरी में दोबारा जांच करने पहुंचे। फायर ऑफिसर इंद्रपाल ने बताया कि फैक्टरी का कैथलिक प्लांट एक महीने से बंद पड़ा हुआ था। मगर प्रबंधन ने प्लांट की जांच कराए बिना ही उसे दोबारा शुरू करा दिया, इसी वजह से हादसा हुआ। अगर प्लांट शुरू करने से पहले उसकी गंभीरता से जांच कराई जाती तो शायद यह हादसा न होता।
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गुरुवार के हादसे के बाद टूटी खिड़कियां
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जांच में यह भी सामने आया कि कैथलिक प्लांट में हादसे के समय ऑपरेटर अतुल की ड्यूटी थी। अतुल टी ब्रेक में बाहर चले गए और राम अवतार को अपनी जगह बैठा गए। वहीं राम अवतार का कहना है कि तारों में स्पार्किंग के बाद केमिकल भरे ड्रमों में आग लगने से यह हादसा हुआ।