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Bareilly: पैसे की चमक देखकर प्रेमी से हैवान बन जाने की दास्तां, जिसे भगा ले जाने आया उसी को सबसे पहले मारा
Tue, 12 Oct 2021 09:24 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 12 Oct 2021 09:24 AM IST
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बरेली अग्रवाल युगल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
बरेली के परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में छह साल पहले हुए उद्योगपति सुधीर अग्रवाल, उनकी पत्नी मधुलिका और नौकरानी अंशु की हत्या के मामले में अदालत ने चार अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सुधीर अग्रवाल अपनी फैक्टरी में बनी कोठी में रहते थे जहां 24 अक्तूबर 2015 को तड़के उनके साथ, उनकी पत्नी मधुलिका और नौकरानी अंशु की बांके से काटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में पास ही के गांव खड़ौआ निवासी अंशु के प्रेमी देवेंद्र और उसके दोस्त अजय कश्यप, एटा के बंधा गांव निवासी ओमकार और संजू को गिरफ्तार किया था। चारों अभियुक्तों ने घर से 40 हजार रुपये कैश, जेवरात और एक मोबाइल फोन भी लूटा था। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा ने चारों अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई। उन पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला
bareilly triple murder
- फोटो : अमर उजाला
घर का वैभव देख भूल गया प्रेम
पैसे की चमक इंसान को हैवान बना देती है, परसाखेड़ा में उद्योगपति सुधीर अग्रवाल, उनकी पत्नी मधुलिका और नौकरानी अंशु की हत्या के मामले में यह कहावत मिसाल बन गई। अंशु का प्रेमी देवेंद्र अपने तीन दोस्तों के साथ उसे भगा ले जाने के लिए सुधीर की कोठी में घुसा था लेकिन जब हर तरफ फैला वैभव देखा तो इरादा बदल गया। देवेंद्र और उसके दोस्तों ने आनन-फानन घर में लूटपाट की योजना बना डाली और सबसे पहले अंशु को ही अपने रास्ते से हटाया।
पैसे की चमक इंसान को हैवान बना देती है, परसाखेड़ा में उद्योगपति सुधीर अग्रवाल, उनकी पत्नी मधुलिका और नौकरानी अंशु की हत्या के मामले में यह कहावत मिसाल बन गई। अंशु का प्रेमी देवेंद्र अपने तीन दोस्तों के साथ उसे भगा ले जाने के लिए सुधीर की कोठी में घुसा था लेकिन जब हर तरफ फैला वैभव देखा तो इरादा बदल गया। देवेंद्र और उसके दोस्तों ने आनन-फानन घर में लूटपाट की योजना बना डाली और सबसे पहले अंशु को ही अपने रास्ते से हटाया।
आरोपी देवेंद्र
- फोटो : अमर उजाला
सुधीर अग्रवाल, उनकी पत्नी मधुलिका और नौकरानी अंशु की हत्या 24 अक्तूबर 2015 को हुई थी। 28 अक्तूबर को पुलिस ने अंशु के प्रेमी देवेंद्र सिंह और उसके दोस्त अजय कश्यप को गिरफ्तार किया। बाद में दो और दोस्त ओमकार और संजू गिरफ्तार किए गए। छानबीन में जो तथ्य सामने आए, पुलिस ने उनके आधार पर खुलासा किया कि देवेंद्र और अंशु के प्रेम संबंध थे। दोनों शादी करना चाहते थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
देवेंद्र ने अंशु को भगा ले जाने की योजना बनाई थी। अंशु भी इस पर सहमत थी। तय योजना के मुताबिक 23 अक्तूबर की रात पहुंचे देवेंद्र और उसके साथी अजय कश्यप, ओमकार और संजू को अंशु ने चुपचाप कोठी में अंदर लाकर छिपा दिया। देवेंद्र ने अंशु को बताया था कि दोस्तों को वह इसलिए साथ लाया है ताकि सुधीर और मधुलिका उसे ले जाने का विरोध करें तो वह उनकी मदद ले सके।
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सुधीर अग्रवाल की कंपनी और कोठी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक अंशु अक्सर देवेंद्र को अपने मालिक की शानशौकत और रहनसहन के बारे में बताती रहती थी, लिहाजा उसने तड़के उसे साथ लेकर भागने से पहले रात को कोठी में ही मौज-मस्ती की योजना बनाई थी। 23 अक्तूबर की रात देवेंद्र और उसके दोस्तों ने कोठी में ही खाना खाया। रात में ही देवेंद्र और उसके दोस्तों का इरादा बदल गया।