पीलीभीत के जिलाधिकारी कार्यालय मंगलवार को उस समय कौतूहल का विषय बन गया, जब 11वीं की एक छात्रा ने डीएम की कुर्सी संभाली। दरअसल, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत केंद्रीय विद्यालय की छात्रा अपराजिता उपाध्याय को एक दिन की जिले की कमान सौंपी गई। अपराजिता ने बतौर डीएम लोगों की शिकायतें सुनीं। कार्यालय में आईं कई शिकायतों में एक शिकायत बीसलपुर क्षेत्र की गलत ढंग से लगे बिजली के खंभे से जुड़ी रही।
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छात्रा ने बतौर डीएम फोन पर अफसर को दिए निर्देश
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एक ग्रामीण ने बताया कि खंभा गलत जगह लगा है। इससे परेशानी होती है। इस पर डीएम ने खुद एक्सईएन को फोन किया और जल्द से जल्द समस्या के समाधान के निर्देश दिए। एक्सईएन ने बताया कि इस संबंध में जेई को निर्देश दे दिए गए हैं। इसके अलावा पांच अन्य छात्राओं को भी विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के पदों का दायित्व सौंपा गया।
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एक दिन के लिए डीएम बनी छात्रा अपराजिता
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अभियान के तहत मंगलवार को विद्यालय की छात्राएं कलक्ट्रेट पहुंचीं। यहां प्रोबेशन अधिकारी प्रगति गुप्ता ने डीएम संजय कुमार सिंह को कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अपराजिता उपाध्याय को एक दिन के लिए डीएम की जिम्मेदारी सौंपी। अपराजिता ने कार्यालय आए लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को फोन कर निस्तारण के निर्देश दिए। अपराजिता ने कोषागार, डीएम कोर्ट का भी निरीक्षण किया।
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छात्रा अनु शर्मा बनाई गई एडीएम वित्त
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अनु बनी एडीएम वित्त, तो राधिका सीडीओ
अनु शर्मा को एडीएम वित्त एवं राजस्व की जिम्मेदारी दी गई। एडीएम ऋतु पूनिया ने उनका स्वागत किया। मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह के पद का दायित्व छात्रा राधिका गौड़ को सौंपा गया। राधिका गौड़ ने भी शिकायतें सुनीं। साथ ही डीपीआरओ को बुलाकर समस्या का निस्तारण कराया।
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छात्रा विजेता उपाध्याय बनीं डीपीआरओ
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वहीं, डीपीआरओ का दायित्व छात्रा विजेता उपाध्याय को सौंपा गया। एक दिन की डीपीआरओ ने बाल विकास पुष्टाहार कार्यालय का भ्रमण भी किया। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रगति गुप्ता ने बालिका अंतरा यादव को एक दिन के लिए अपना पद सौंपा। इसी प्रकार डीपीओ ने बालिका रामशा को जिम्मेदारी दी।