बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को 85 टॉपरों में से 84 ने मंच पर पहुंचकर मेडल प्राप्त किए। स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय (अब विश्वविद्यालय) की बीकॉम फाइनेंस की छात्रा आकांक्षा शुक्ला अनुपस्थित रहीं। 105 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली। उपाधि व मेडल प्राप्त कर सभी विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे। टॉपरों में इस बार 70 छात्राएं व 14 छात्र शामिल हैं।
मौसम की खराबी के कारण कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकीं। वह वर्चुअली शामिल हुईं। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकीं। वंदेमातरम और विश्वविद्यालय के कुलगीत के बाद कुलाधिपति ने ऑनलाइन माध्यम से दीक्षांत समारोह के शुभारंभ की घोषणा की।
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छात्रा आलमीन नजवी को सम्मानित करते अतिथिगण
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पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक 23 मेधावियों को मंच पर और बाकी को पांचाल सभागार में मेडल दिए जाने थे। कुलाधिपति के नहीं आने से यह व्यवस्था रद्द करनी पड़ी। सभी टॉपरों को मंच पर ही मुख्य अतिथि, कुलपति व अन्य ने मेडल पहनाए। सभी टॉपरों ने अतिथियों के साथ फोटो खिंचवाई, जबकि उपाधि प्राप्त करने वाले 105 शोधार्थियों को मंच पर आमंत्रित ही नहीं किया गया।
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राज्यपाल ने ऑनलाइन किया संबोधित
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स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव के डॉ. राकेश कुमार, अति विशिष्ट अतिथि सांसद छत्रपाल गंगवार व विशिष्ट अतिथि स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. पीबी सिंह पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन व उनके प्रतिनिधि के रूप में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने की। राज्यपाल ने वर्चुअली स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण, कृषि विभाग के भवन का लोकार्पण और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
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दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के साथ पीएचडी धारक।
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जयपुरी लाख की चूड़ियों और हस्तकला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए इस्लाम अहमद को डीलिट (मानद उपाधि) से विभूषित किया गया। दो शिक्षकों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। सीएसआईटी विभागाध्यक्ष प्रो. विनय ऋषिवाल और संघटक महाविद्यालय मीरापुर बांगर बिजनौर के डॉ. सचिन कुमार को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
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सेल्फी लेतीं छात्राएं
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छह साल से छात्राएं मार रहीं बाजी
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के टॉपरों की सूची में छह साल से बेटियां आगे हैं। वर्ष 2021 से यह सिलसिला जारी है। पदक हासिल करने वाली बेटियों की संख्या में जहां इजाफा हुआ है, वहीं छात्रों की संख्या घटी है। राज्यपाल ने भी अपने संबोधन में बेटियों की प्रगति पर खुशी जताई, लेकिन टॉपरों में लड़कों की घटती संख्या पर चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दोनों में संतुलन आवश्यक है।