{"_id":"687478f61da05d9bf70af700","slug":"changur-baba-two-new-reveal-changur-baba-wanted-to-make-his-son-richest-man-in-world-2025-07-14","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"छांगुर पर दो नए खुलासे: बेटे महबूब को दुनिया का सबसे अमीर बनाना चाहता था बाबा, भतीजे को सौंपी थी ये जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छांगुर पर दो नए खुलासे: बेटे महबूब को दुनिया का सबसे अमीर बनाना चाहता था बाबा, भतीजे को सौंपी थी ये जिम्मेदारी
Mon, 14 Jul 2025 10:42 AM IST
शाहरुख खान
संजय तिवारी, अमर उजाला, बलरामपुर
संजय तिवारी, अमर उजाला, बलरामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 14 Jul 2025 10:42 AM IST
सार
अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर को लेकर दो नए खुलासे हुए हैं। बाबा अपने बेटे को दुनिया का सबसे अमीर बनाना चाहता था। इसके अलावा उसने भतीजे को भी जिम्मेदारी सौंपी थी।
विज्ञापन
Changur baba
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के खिलाफ जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब दो और नए खुलासे हुए हैं। हिंदू युवतियों को फंसाने के लिए छांगुर ने आजमगढ़ में अपने भतीजे सबरोज को उतारा था। सबरोज ने चार लोगों की टीम भी बनाई थी। इसके अलावा औरैया में मेराज नामक युवक को जिम्मेदारी दी। मेराज ने रुद्र बनकर एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाया और शारीरिक शोषण कर वीडियो भी बना लिया। इसी तरह अन्य लोगों को भी अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। नोएडा और हरियाणा में भी छांगुर की टीम सक्रिय थी। एटीएस की निगाह जब युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने की मुहिम पर पड़ी तो मुश्किलें बढ़ने लगीं। एटीएस इन मामलों की भी छानबीन कर रही है।
छांगुर बाबा
- फोटो : अमर उजाला
बेटे को दुनिया का सबसे अमीर बनाना चाहता था छांगुर
वहीं, छांगुर अपने इकलौते बेटे महबूब को दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनाने का ख्वाब देख रहा था। धर्मांतरण से कमाई करने के साथ ही वह प्रापर्टी और अन्य कार्य करने की जमीन तैयार रहा था। वह बेटे को अरबपति बनाने के साथ ही टीम का मुखिया बनाना चाहता था। इसके लिए उसने कई लोगों से हाथ मिलाया था। नागपुर के एक प्रभावशाली व्यक्ति से हाथ मिलाने के पीछे उसकी मंशा बेटे को आगे बढ़ाने की थी। फिलहाल अब उसका बेटा लखनऊ जेल में बंद है।
वहीं, छांगुर अपने इकलौते बेटे महबूब को दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनाने का ख्वाब देख रहा था। धर्मांतरण से कमाई करने के साथ ही वह प्रापर्टी और अन्य कार्य करने की जमीन तैयार रहा था। वह बेटे को अरबपति बनाने के साथ ही टीम का मुखिया बनाना चाहता था। इसके लिए उसने कई लोगों से हाथ मिलाया था। नागपुर के एक प्रभावशाली व्यक्ति से हाथ मिलाने के पीछे उसकी मंशा बेटे को आगे बढ़ाने की थी। फिलहाल अब उसका बेटा लखनऊ जेल में बंद है।
जमालुद्दीन उर्फ छांगुर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह बात भी सामने आई है कि छांगुर पूरे देश में मुस्लिम आबादी बढ़ाने के मिशन पर काम कर रहा था। एटीएस ने भी छांगुर के तीन हजार अनुयायी होने के तथ्य को एफआईआर में शामिल किया है। छांगुर की शिकायत करने वाले अरविंद ने तो हिंदू युवतियों को प्रभावित करने के साथ ही उनके साथ निकाह करने की पूरी दास्तां एसटीएफ को बताई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर के मधपुर में स्थित छांगुर का मकान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसटीएफ की ओर से ही एटीएस को मामले में कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई थी। जिससे स्पष्ट हुआ कि छांगुर एक गिरोह के तहत कार्य कर रहा था। छांगुर की टीम के सर्वे में यह बात सामने आई थी कि वर्ष 2011 की जनगणना में देश के 640 जिलों में से 579 जिले ऐसे हैं जहां हिंदुओं की जनसंख्या अधिक है।
विज्ञापन
धर्मांतरण की छांगुर स्टोरी: पूरी तरह ध्वस्त हो गया अवैध अड्डा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छांगुर ने बेटे को सौंपी थी ये जिम्मेदारी
छांगुर ने अपने बेटे महबूब को इस अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी थी। महबूब के साथ ही धर्म परिवर्तन करने वाले नवीन को लगाया था, जो तकनीकी सहयोग करता था। छांगुर को हिंदू युवतियों के बारे में रिपोर्ट देने के लिए एक टीम काम कर रही थी। जिसमें सगीर, हाजिर शंकरा और एमेन रिजवी जैसे सक्रिय लोग थे। ये लोग आम आदमी की तरह घूमकर जानकारी जुटाकर छांगुर को देते थे। इसके बाद संबंधित जिले में सक्रिय अनुयायियों को छांगुर लगाता था।
छांगुर ने अपने बेटे महबूब को इस अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी थी। महबूब के साथ ही धर्म परिवर्तन करने वाले नवीन को लगाया था, जो तकनीकी सहयोग करता था। छांगुर को हिंदू युवतियों के बारे में रिपोर्ट देने के लिए एक टीम काम कर रही थी। जिसमें सगीर, हाजिर शंकरा और एमेन रिजवी जैसे सक्रिय लोग थे। ये लोग आम आदमी की तरह घूमकर जानकारी जुटाकर छांगुर को देते थे। इसके बाद संबंधित जिले में सक्रिय अनुयायियों को छांगुर लगाता था।