छांगुर पर ईडी का शिकंजा: 18 टीमें... 15 ठिकानों पर एक साथ छापा; परत दर परत खुल रहे कागजों पर दफन गहरे राज
छांगुर पर ईडी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अलग-अलग शहरों में 18 टीमों ने एक साथ 15 ठिकानों पर छापेमारी की। बलरामपुर में यह कार्रवाई करीब 13 घंटे तक चली। 100 करोड़ की संपत्तियों की जांच हुई। जमीनों की खरीद फरोख्त से जुड़े लोगों के घर भी ईडी ने दस्तक दी। लेनदेन का ब्योरा जुटाया।
ईडी ने छांगुर के साथ ही नीतू और नवीन की संपत्तियों की छानबीन भी की गई। बृहस्पतिवार की सुबह से ईडी की टीम बलरामपुर पहुंची। यहां उतरौला में छांगुर व उससे जुड़े 12 ठिकानों पर 15 टीमों ने एक साथ छापा मारा। इसके अलावा महाराष्ट्र में भी दो ठिकानों पर छापेमारी की बात सामने आई है। ईडी के अधिकारी देर शाम तक संपत्तियों से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल करते रहे। करीब 13 घंटे जांच के बाद शाम को जरूरी कागजात लेकर निकल गई।
छांगुर व उनके सहयोगियों ने उतरौला व महाराष्ट्र में करीब 100 करोड़ की संपत्तियां जुटाई है। इसकी जांच में ईडी की टीम उतरौला में सुबह 6.00 बजे ही दाखिल हुई। सुबह 7.00 बजे मधपुर से उतरौला मार्ग पर स्थिति एक कांपलेक्स के गेट का ताला खुलावाया। कांपलेक्स छांगुर की सहयोगी नीतू के नाम है। वहां कपड़ों का व्यवसाय होता था।
कमरों का ताला स्थानीय पुलिस ने खोला
ईडी अधिकारियों ने दुकान के अंदर रखे सामानों का डाटा तैयार किया। दुकान से जुड़े रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जानकारी की। फिलहाल लंबे समय तक दुकान की छानबीन करते रहे। इसके साथ ही दो टीमें छांगुर के मधपुर स्थित मकान में पहुंची। जहां के कमरों का ताला स्थानीय पुलिस ने खोला। अधिकारियों ने गहराई से प्रत्येक कमरों की जांच की। मकान का भी परीक्षण किया। इसी परिसर में स्थिति एक दूसरी कोठी को बीते दिनों प्रशासन ने ढहाया था। उसकी जानकारी ली।बताया जा रहा है कि ईडी की पूरी पड़ताल छांगुर को मिलने वाले विदेशी फंड को खपाने की जानकारी करने पर रही। इसके साथ ही पूर्व प्रधान जुम्मन समेत कई उन लोगों से पूछताछ की, जिसने छांगुर से या तो धनराशि प्राप्त किया था या फिर उनके जमीन की खरीद फरोख्त में सहयोगी रहे हैं। साथ ही टीम ने नामी और बेनामी संपत्तियों की भी जांच की।
ईडी से हुआ सामना तो कांपने लगी जुबान...
छांगुर के साथ ही नीतू और नवीन से लेनदेन करने वालों की ईडी से सामना हुआ तो लोगों की जुबान लड़खड़ाने लगी। कइयों के माथे पर चिंता की लकीरें भी साफ दिख रही थीं। ईडी ने पूछताछ के दौरान किसी को बाहर आने-जाने की इजाजत नहीं दी। टीम ने छांगुर और नीतू के मकान और तीन दुकानों की छानबीन की। रेहरामाफी में छांगुर के पैतृक गांव में भी पूछताछ की।मधपुर में जमीन विक्रेता इसी गांव के पूर्व प्रधान जुम्मन खां, मधपुर में जमीन विक्रेता संतोष कुमार त्रिगुनायक व इनके भाई दुर्गेश कुमार त्रिगुनायक से सवाल जवाब किए। जमीन बेचने पर मिली धनराशि के बारे में जानकारी की। हुसैनाबाद ग्रिंट में ग्राम प्रधान अफसर अली, महमूदाबाद ग्रिंट के ग्राम प्रधान इब्तिदा खान उर्फ लल्लू, नगर के रफीनगर शोरूम पर काम करने वाले तीन सगे भाइयों मलिक शमीम, मलिक वसीम, मलिक अली अहमद के आवास पर छापा मारा। घर में ही देरशाम तक पूछताछ की। इस दौरान इन क्षेत्रों के लोग सहमे रहे।
घर से कोई निकल न जाए, सुबह ही तय किया छापा
ईडी ने छापा मारने की रणनीति बहुत ही सटीक बनाई थी। लोगों को इसकी भनक भी नहीं लगी कि अभी ईडी भी जांच के लिए आ सकती है। सभी की निगाहें इस पर टिकी थी कि पहले ईडी छांगुर को रिमांड पर लेगी। लेकिन ईडी ने छांगुर से पूछताछ के पहले ही उनसे जुड़े लोगों की पड़ताल की योजना बनाई। सुबह छह बजे का समय तय किया, जिससे कोई घर से बाहर न निकल जाए। ईडी पहुंची, उस समय लोग घर पर ही थे। कुछ लोग तो सो ही रहे थे। इस तरह ईडी ने सधे अंदाज में कार्रवाई की, जिससे किसी को छुपने का मौका न मिल सके।छांगुर के कनेक्शन की पड़ताल में एसटीएफ भी जुटी
एसटीएफ की एक टीम बुधवार की देररात उतरौला कस्बे में पहुंची। बस अड्डे के पास सबरोज नामक एक युवक को उठाया और पूछताछ किया। उसका सीधे कोई संपर्क छांगुर से न मिलने पर छोड़ दिया। गोपनीय तरीके से एसटीएफ के मौजूद होने की चर्चा रही। लोग पता भी करते रहे कि एसटीएफ किसे खोज रही है। बताया जा रहा है कि आजमगढ़ में धर्मांतरण कराने के लिए छांगुर ने भतीजे सोहराब को जिम्मेदारी थी, जिसके सहयोग में रशीद थे। इन दोनों के तलाश की चर्चा रही।