दुनिया के शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में शुमार राफेल विमान फ्रांस से भारत के लिए उड़ान भर चुका है और रास्ते में दुबई पहुंच भी चुका है। देश के दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए बहुप्रतीक्षित इस विध्वंसक विमान की पायलट टीम में शामिल होकर बलिया के लाल ने अपने परिजनों के साथ जिले को भी गौरवान्वित किया है।
Wing Commander मनीष के परिजन भी RAFALE के भारत पहुंचने का कर रहे हैं बेसब्री से इंतजार, पिता ने कहा-बेटे ने सिर ऊंचा कर दिया
दरअसल, फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल को लाने की तिथि तय होने पर मनीष को छह माह के प्रशिक्षण के लिए केंद्र सरकार ने फ्रांस भेजा। इनके साथ अन्य विंग कमांडर भी रहे। लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद लॉकडाउन होने से तीन महीने और वहां रुकना पड़ा।
पूर्वांचल के बागी जिले बलिया के निवासी मनीष साल 2002 में इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनने के बाद पहले अंबाला व जामनगर के बाद 2017-2018 में गोरखपुर में थी। इसी दौरान साल 2014 में लखनऊ की निवासी कंप्यूटर इंजीनियर वृत्तिका सिंह से विवाह हो गया। दोनो का एक पुत्र काविन सिंह (7) भी हैं। फ्रांस से रवानगी से पूर्व मनीष ने अपने पिता मदन सिंह को बताया था कि वह शीघ्र ही राफेल लेकर भारत के लिए उड़ान भरने वाले हैं।
बचपन से मिली है देश सेवा की तालीम
मनीष के पिता मदन सिंह स्वयं थल सेना से अवकाश प्राप्त जवान हैं। फौजी मदन सिंह के पुत्र मनीष सिंह अपने भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। गांव की गलियों से निकल कर विंग कमांडर के पद तक पहुंचे मनीष की शुरुआती शिक्षा गांव के एक निजी स्कूल नूतन शिक्षा निकतन में हुई। छठवीं कक्षा तक गांव में पढ़ाई करने के बाद उनकी उच्च शिक्षा करनाल के कुंजपुरा स्थित सैनिक स्कूल से हुई, जहां इनके पिता सेना में सेवारत रहे।
गांव में खुशी का माहौल, युवा उत्साहित
अपने परिवार में दो भाई व दो बहनों में सबसे बड़े विंग कमांडर मनीष के गांव बकवां में खुशी का माहौल है। गांव के युवा मनीष को अपना प्रेरणास्त्रोत बता रहे हैं। लड़ाकू विमान राफेल लेकर मनीष के स्वदेश लौटने की सूचना मिलने के बाद गांव के उत्साही युवकों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशी का इजहार किया। युवाओं ने मनीष को अपना प्रेरणास्त्रोत बताते हुए कहा कि हम सब भी फौजी बनकर देशसेवा में अपनी निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करेंगे।