दुनिया के शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में शुमार राफेल विमान फ्रांस से भारत के लिए उड़ान भर चुका है। खास बात ये है कि पांच राफेल विमान में से एक को विंग कमांडर मनीष सिंह भी ला रहे हैं। मनीष का बलिया से भी कोई नाता है। इस पर सहसा कोई विश्वास नहीं करेगा। लेकिन यह सच है।
RAFALE : राफेल लेकर उड़े बलिया के विंग कमांडर मनीष, पिता से मिली है देश सेवा की सीख
फौजी मदन सिंह के पुत्र मनीष सिंह अपने भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। गांव की गलियों से निकल कर विंग कमांडर के पद तक पहुंचे मनीष की शुरुआती शिक्षा गांव के एक निजी स्कूल नूतन शिक्षा निकतन में हुई। छठवीं कक्षा तक गांव में पढ़ाई करने के बाद उनकी उच्च शिक्षा करनाल के कुंजपुरा स्थित सैनिक स्कूल से हुई, जहां इनके पिता सेना में सेवारत रहे।
जब गोरखपुर में थी तैनाती तो आए थे गांव
मनीष वर्ष-2002 में इंडियन एयरफोर्स में पायलट हुए। अंबाला व जामनगर के बाद दो वर्ष पूर्व सन् 2017-2018 में इनकी तैनाती गोरखपुर में थी। उस समय मनीष अपने गांव बकवां आए थे। फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल को लाने की तिथि तय होने पर मनीष को प्रशिक्षण के लिए केंद्र सरकार ने फ्रांस भेजा। इनके साथ अन्य विंग कमांडर भी रहे।
छोटे भाई अनीस ने बताया कि भइया (मनीष) को छह माह के प्रशिक्षण के लिए फ्रांस भेजा गया था किंतु कोरोना संक्रमण के बाद लॉकडाउन होने से तीन महीने और वहां रुकना पड़ा। मनीष का विवाह वर्ष 2014 में लखनऊ की कंप्यूटर इंजीनियर वृत्तिका सिंह से हुआ था। इन्हें एक पुत्र काविन सिंह (7) भी हैं।
फ्रांस से रवानगी से पूर्व मनीष ने अपने पिता मदन सिंह को बताया कि वह शीघ्र ही राफेल लेकर भारत के लिए उड़ान भरने वाले हैं। पिता फौजी मदन सिंह व मां उर्मिला देवी ने कहा कि निश्चित रूप से बेटे की उपलब्धि न सिर्फ मेरे लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। पिता ने कहा कि देश की सेवा में मेरे बाद मेरा बेटा डटा हुआ है। यह सोचकर सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। वहीं छोटी बहनें प्रियंका व अंकिता भी बड़े भाई की उपलब्धि पर काफी खुश नजर आईं।