बलिया जिले की मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय पर वाहन चालक चंदन वर्मा ने हाथ भी उठा दिया था। वह ईओ को प्रताड़ित भी करता था। यही नहीं उसने मणि से दो लाख रुपये उधार भी लिए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार इसका खुलासा नायब तहसीलदार रजत सिंह के बयान में हुआ है। रजत ने मणि के आत्महत्या से पहले हुई लंबी बातचीत का ब्योरा भी पुलिस को दिया है।
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मणि मंजरी राय (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला।
सूत्रों के अनुसार रजत सिंह ने 14 पृष्ठ का बयान पुलिस को दिया है। रजत ने बताया है कि उन्होंने आखिरी काल काल मणि मंजरी को की थी। रजत ने मणि मंजरी को बताया कि उनके पास चंदन वर्मा आया है तथा उसका कहना है कि वह उधार लिए दो लाख रुपये लौटा चुका है। इसके बाद भी मणि मंजरी रुपये मांग रही है।
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मणि मंजरी राय (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला।
मणि मंजरी ने चंदन के बयान को गलत करार देते हुए बातचीत के दौरान ही रजत को उनके व्हाट्सएप पर एक ऑडियो क्लिप भेजी। रिकार्डिंग के इस क्लिप में चंदन दो लाख रुपये लेने व 10 दिन में वापस करने की बात कह रहा है। ऑडियो क्लिप में चंदन को लेकर चौकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि जब चंदन को शक होता है कि मणि मंजरी बातचीत की रिकॉर्डिंग कर रही है तो वह मोबाइल छीनने का प्रयास करता है।
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आरोपी का घर और मणि मंजरी राय।
- फोटो : अमर उजाला।
पुलिसिया छानबीन में यह भी खुलासा हुआ है कि वाहन चालक चंदन वर्मा मणि मंजरी को प्रताड़ित भी करता था। सूत्रों के अनुसार पुलिस को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भी मिली है, जिसमें मणि मंजरी फोन पर अपने एक परिजन को वाहन चालक के झापड़ मारने की बात कह रही है, हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि झापड़ मारा किसने है।
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प्रियंका गांधी और पीसीएस अफसर मणि मंजरी राय (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला।
इस बीच पुलिस लाख प्रयास के बाद भी अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस को अब ऐसी सूचना मिली है कि आरोपी उत्तराखंड में छिपे हुए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष मनियर के परिजन ऋषिकेश में रहते हैं। ऐसे में आरोपियों के ऋषिकेश में शरण लेने की आशंका जताई गई है।