उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में तीन परिवारों पर टूट पड़ा। यहां तीन बच्चों की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई और इसके बाद तीनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मौत का कहर: तीन परिवारों पर टूटा गम का पहाड़, बच्चों की मौत से मचा कोहराम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, तस्वीरें
गड्ढे में बन गई दलदल
ईंट भट्ठों पर अक्सर ऐसे गड्ढे होते हैं। जिनमें ईंट पथाई के लिए पानी भरा जाता है। बीते दिनों आए चक्रवाती तूफान ताउते के असर के चलते जिले में तीन दिन तक बारिश हुई थी। इससे गड्ढे में दलदल हो गई है। ये भी माना जा रहा है कि बच्चे पहले भी इस गड्ढे में नहाते रहे होंगे। इसी वजह से वे बेफिक्र होकर गड्ढों में उतर गए। इस बार शायद दलदल की वजह से बाहर नहीं निकल पाए।
नहीं किया जाता नियमों का पालन
ज्यादातर भट्ठों पर नियमों का उल्लंघन कर निर्धारित से ज्यादा गहराई तक मिट्टी की खुदाई की जाती है। संबंधित विभाग फिर भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। ईंट भट्टों पर दो मीटर तक मिट्टी उठाने की अनुमति होती है। इसके लिए वह रॉयल्टी जमा करते हैं। नियमों के खिलाफ खनन करने पर ईंट भट्ठों की क्षमता के अनुसार जुर्माना लगाया जाता है। ईंट भट्ठों पर पांच हेक्टेयर क्षेत्र से ही मिट्टी उठाने की अनुमति होती है।
परिजनों की हरसंभव मदद की जाएगी
ईंट भट्ठा मालिक नीरज नैन का कहना है कि यह दर्दनाक हादसा है। गड्ढे में बारिश का पानी इक्कठा था। जिससे दलदल हो गई थी। गड्ढे में करीब दो फीट दलदल और तीन फीट पानी था। जिससे बच्चे गड्ढे से निकल नहीं पाए। हम पीड़ित परिजनों के दुख में शामिल हैं। उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। अरविंद राणा ने भी पीड़ित परिजनों की मदद का आश्वासन दिया है।
परिजन मान रहे हादसा
एसडीएम बागपत अनुभव सिंह, सीओ बागपत अनुज मिश्रा और बड़ौत कोतवाली पुलिस ईंट भट्ठे पर पहुंचे। इस बाबत सीओ अनुज मिश्रा का कहना है कि परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। वे इसे दुर्घटना मान रहे हैं। ऐसे में पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई है।