उत्तर प्रदेश के बड़ौत में युवक अक्षय की आत्महत्या के मामले में देर रात्रि तक ग्रामीणों ने अक्षय का शव नहीं उठने दिया। हालांकि मंगलवार की सुबह 7:00 बजे एसपी के आश्वासन पर इंस्पेक्टर सहित 11 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने की कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया। वहीं मृतक के पिता श्रीनिवास की तहरीर पर इंस्पेक्टर बिनौली, एसएसआई सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बागपत में मौत पर बवाल : चार साल पहले भी लाइन हाजिर हुए थे बिनौली इंस्पेक्टर, लगे थे ये गंभीर आरोप
बता दें कि तकरीबन 4 साल पहले 6 दिसंबर, 2017 को भी बिनौली थाना इंस्पेक्टर लाइन हाजिर हुए थे। ग्रामीणों द्वारा अवैध पशु कटान, अपराधियों से सांठगांठ, आपराधिक घटनाओं पर अंकुश न लगाने की शिकायत शासन- प्रशासन से की गई थी। जिसके बाद शासन स्तर से तत्कालीन कमिश्नर मेरठ डॉ. प्रभात कुमार ने इसकी जांच तत्काली एडीएम रहे लोकपाल से कराई थी।
बताया जाता है कि एडीएम की जांच में ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर मेरठ ने थाना प्रभारी चन्द्रकान्त पांडेय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
इतना ही नहीं कमिश्नर ने तत्काली एसपी बागपत जयप्रकाश को भी आदेश दिया था कि उपनिरीक्षक को कभी भविष्य में भी चार्ज नहीं दिया जाए। उस दौरान एसपी रहे जयप्रकाश ने चन्द्रकांत पांडेय को गत 6 दिसंबर 2017 को लाइन हाजिर कर दिया था। आरोप लगाया कि इसके बावजूद फिर से बागपत एसपी ने उन्हें इसी थाने का चार्ज दे दिया।
महिला आरक्षी ने भी लगाया था आरोप
बिनौली थाने में तैनाती के दौरान वहां तैनात एक महिला आरक्षी ने चन्द्रकान्त पांडेय पर अभद्रता सहित कई आरोप लगाया था। जिसकी एसपी ने जांच कराई थी। जिसमे भी वे दोषी पाए गए थे।
फिलहाल अक्षय सुसाइड प्रकरण में बिनौली इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय और एसएसआई उधम सिंह तालान समेत 11 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए गए हैं। इनमें एसआई हरिश्चंद त्यागी, एसआई मयंक प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जितेंद्र, कांस्टेबल इलियास, कांस्टेबल इमरान, कांस्टेबल दीपक शर्मा, कांस्टेबल राहुल, कांस्टेबल कुलदीप को लाइन हाजिर किया गया है। यह कार्रवाई एसपी बागपत अभिषेक सिंह द्वारा की गई है।