फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बागपत में मौत पर बवाल : चार साल पहले भी लाइन हाजिर हुए थे बिनौली इंस्पेक्टर, लगे थे ये गंभीर आरोप 

Tue, 27 Jul 2021 12:17 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 27 Jul 2021 12:17 PM IST
विज्ञापन
rucks over suicide case in baghpat, eleven to line spot inclucding binauli inspector
मौके पर मौजूद पुलिस व मृतक का फाइल फोटो (बीच में), पेड़ से बंधी रस्सी (दाएं ऊपर) - फोटो : Amar Ujala Meerut

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में युवक अक्षय की आत्महत्या के मामले में देर रात्रि तक ग्रामीणों ने अक्षय का शव नहीं उठने दिया। हालांकि मंगलवार की सुबह 7:00 बजे एसपी के आश्वासन पर इंस्पेक्टर सहित 11 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने की कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया। वहीं मृतक के पिता श्रीनिवास की तहरीर पर इंस्पेक्टर बिनौली, एसएसआई सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 


 

मृतक के पिता श्री निवास की तहरीर पर इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय, एसएसआई उधम सिंह तालान, कांस्टेबल सलीम, अश्वनी, रंगरूट मुरली के खिलाफ  147, 148, 323, 504, 306 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, पुलिस के प्रति ग्रामीणों में गुस्सा और आक्रोश है। प्रकरण के बाद से जहां गांव में तनाव की स्थिति है वहीं सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिहाज से पुलिस तैनात की गई है। 

rucks over suicide case in baghpat, eleven to line spot inclucding binauli inspector
रातभर चला हंगामा। - फोटो : amar ujala

बता दें कि तकरीबन 4 साल पहले 6 दिसंबर, 2017 को भी बिनौली थाना इंस्पेक्टर लाइन हाजिर हुए थे। ग्रामीणों द्वारा अवैध पशु कटान, अपराधियों से सांठगांठ, आपराधिक घटनाओं पर अंकुश न लगाने की शिकायत शासन- प्रशासन से की गई थी। जिसके बाद शासन स्तर से तत्कालीन कमिश्नर मेरठ डॉ. प्रभात कुमार ने इसकी जांच तत्काली एडीएम रहे लोकपाल से कराई थी। 


 
rucks over suicide case in baghpat, eleven to line spot inclucding binauli inspector
बागपत समाचार: ग्रामीणों ने रातभर किया हंगामा। - फोटो : amar ujala

बताया जाता है कि एडीएम की जांच में ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर मेरठ ने थाना प्रभारी चन्द्रकान्त पांडेय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी।

इतना ही नहीं कमिश्नर ने तत्काली एसपी बागपत जयप्रकाश को भी आदेश दिया था कि उपनिरीक्षक को कभी भविष्य में भी चार्ज नहीं दिया जाए। उस दौरान एसपी रहे जयप्रकाश ने चन्द्रकांत पांडेय को गत 6 दिसंबर 2017 को लाइन हाजिर कर दिया था। आरोप लगाया कि इसके बावजूद फिर से बागपत एसपी ने उन्हें इसी थाने का चार्ज दे दिया।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
rucks over suicide case in baghpat, eleven to line spot inclucding binauli inspector
गांव में हंगामा करते ग्रामीण। - फोटो : amar ujala

महिला आरक्षी ने भी लगाया था आरोप
बिनौली थाने में तैनाती के दौरान वहां तैनात एक महिला आरक्षी ने चन्द्रकान्त पांडेय पर अभद्रता सहित कई आरोप लगाया था। जिसकी एसपी ने जांच कराई थी। जिसमे भी वे दोषी पाए गए थे। 

विज्ञापन
rucks over suicide case in baghpat, eleven to line spot inclucding binauli inspector
गाड़ी में तोड़फोड़। - फोटो : amar ujala

फिलहाल अक्षय सुसाइड प्रकरण में बिनौली इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय और एसएसआई उधम सिंह तालान समेत 11 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए गए हैं। इनमें एसआई हरिश्चंद त्यागी, एसआई मयंक प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जितेंद्र, कांस्टेबल इलियास, कांस्टेबल इमरान, कांस्टेबल दीपक शर्मा, कांस्टेबल राहुल, कांस्टेबल कुलदीप को लाइन हाजिर किया गया है। यह कार्रवाई एसपी बागपत अभिषेक सिंह द्वारा की गई है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed