मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। शादी के लिए रजिस्ट्रेशन करने के बाद जांच तक नहीं कराई जा रही है। यहीं वजह है कि पहले से शादीशुदा की इस योजना के तहत दोबारा शादी कराई जा रही है। कुछ जोड़े तो बच्चों को गोद लेकर शादी करने भी पहुंचे। इस तरह के कई मामले शनिवार को उत्तर प्रदेश के बागपत में एसपीसी डिग्री कॉलेज में सामूहिक विवाह योजना में आए तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि अब अधिकारी अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए ऐसे अपात्रों को योजना की राशि जारी नहीं करने की बात कह रहे हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का हाल: शादीशुदा की दोबारा कराई शादी, बच्चे गोद लेकर पहुंचे जोड़े
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलौचुपरा सहित इस तरह के तीन जगहों के मामले सामने आए, जिनका पता भी अधिकारियों को शादी होने के बाद ही चला। इसके बाद अधिकारियों ने उनसे सामान वापस लेने के लिए कर्मचारियों को दौड़ाया। लेकिन तब तक पहले से शादीशुदा दंपती वहां से चले गए थे। इस पर अधिकारी ऐसे अपात्रों को योजना के तहत मिलने वाले 35 हजार रुपये जारी नहीं करने की बात कहते रहे। इसके अलावा भी शादी कार्यक्रम में कई ऐसे दंपती पहुंचे, जिनकी गोद में बच्चा था। ऐसे अपात्रों ने शादी करते ही टेंट के पीछे जाकर तुरंत बच्चे को गोद में लिया और तुरंत निकल लिए।
अफसरों ने खुद तीन जोड़े फर्जी होना स्वीकार किया
अधिकारियों ने खुद भी तीन जोड़े फर्जी होने की बात स्वीकार की है। इसके लिए बीडीओ को जिम्मेदार बताकर अपना पल्ला झाड़ा जा रहा है। हालांकि अब अधिकारी अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए दावा कर रहे हैं कि ऐसे फर्जी जोड़ों के खाते में 35 हजार रुपये की राशि नहीं भेजी जाएगी। इसके साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई का दावा किया जा रहा है।
किसी का दूल्हा नहीं आया, तो कोई करता रहा दुल्हन का इंतजार
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में यह भी देखने को मिला कि किसी का दूल्हा नहीं आया, तो कोई दुल्हन का इंतजार करता रहा। दूसरे वर्ग की एक युवती अपने दूल्हे के नहीं आने पर बैठकर रोती रही। उसने युवक को फोन किया तो दोनों में नोकझोंक हो गई। युवती काफी देर तक बैठकर रोती रही।
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी के बंधन में बंधे 116 जोड़े
एसपीसी डिग्री कॉलेज के मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 125 जोड़ों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से नौ जोड़े नहीं पहुंचे सके। 85 जोड़ों का हिंदू रीति-रिवाज और 31 जोड़ों का मुस्लिम रीति-रिवाज से विवाह कराया गया। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का सामान दिया गया, जिसमें बर्तन, टंकी, बाल्टी, परात, प्लेट, गिलास आदि सामान था। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, डीएम राजकमल यादव, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर ने सभी को आशीर्वाद दिया।