बागपत में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए ललित शर्मा के परिजनों ने इस पूरी घटना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए कहा कि ललित बदमाश नहीं था। वहीं पीड़ित पिता ने कहा कि मेरे लाल को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया।
ललित शर्मा का परिवार मूलरूप से बड़ौत में चौधरान पट्टी के शांतिनगर का रहने वाला है और वह करीब 15 साल से मेरठ के परतापुर में रहा है। जिला अस्पताल में शव लेने पहुंचे ललित के पिता अशोक शर्मा ने बताया कि उनका बेटा ललित शर्मा (25) कार चलाता था। वह पिछले करीब चार साल से अपनी पत्नी भावना शर्मा व एक वर्षीय बेटे के साथ गाजियाबाद के नंदग्राम में रह रहा था।
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encounter
- फोटो : अमर उजाला
अशोक ने बताया कि उनकी पत्नी बबीता शर्मा के मोबाइल पर गुरुवार सुबह पुलिस ने फोन करके बताया कि उनके बेटे ललित को गोली लगी है। बागपत के जिला अस्पताल से ललित के शव उठाकर ले जाओ। यहां आकर ही ललित के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का पता चला है।
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महिला हुई बेहोश।
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अशोक ने कहा कि ललित के खिलाफ पहले कोई मुकदमा नहीं है और वह कभी अपराधों में नहीं रहा है। उसने पुलिस की मुठभेड़ की कहानी को झूठी बताते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। ललित की मां बबीता रोते हुए कई बार बेहोश हुई। वहां से ललित के शव को परिजन करीब साढ़े तीन बजे लेकर चले गए।
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बागपत में मुठभेड़
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गाजियाबाद की भावना से किया था प्रेम विवाह
अशोक शर्मा ने बताया कि बेटे ललित शर्मा की शादी करीब पांच साल पहले बिहार की एक युवती के साथ हुई थी। उसके बाद ललित ने दूर की रिश्तेदारी में गाजियाबाद की रहने वाली भावना शर्मा से प्रेम विवाह कर लिया था।
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बागपत में मुठभेड़
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बताया गया कि शादी के कुछ दिन बाद ही वह गाजियाबाद में जाकर रहने लगा था। ललित के एक बड़ा भाई व दो बहन हैं। ललित की पत्नी भावना भी जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस पहुंची तो उस पर भी ललित के परिजनों ने खूब नाराजगी जताते हुए आरोप लगाए।