बागपत जनपद में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोकने पर रालोद कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। औद्योगिक पुलिस चौकी के नजदीक दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर धरना देकर बैठ गए। कार्यकर्ताओं की पुलिस कर्मियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। हंगामा बढ़ने की सूचना पर सीओ मौके पर पहुंचे और किसी तरह समझा-बुझाकर रालोद कार्यकर्ताओं को शांत किया। बाद में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सीओ को देकर धरना समाप्त किया।
गुरुवार को रालोद कार्यकर्ता दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित पार्टी कार्यालय पर एकत्रित हुए और विभिन्न समस्याओं के निस्तारण को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए बागपत रवाना हुए। इस दौरान औद्योगिक पुलिस चौकी के नजदीक पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने वहां पर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ता हाईवे पर धरना देकर बैठ गए। उनका कहना था कि भाजपा शासनकाल में हर वर्ग परेशान है। पुलिस की मनमानी बढ़ गई है। रंछाड़ गांव में अक्षय आत्महत्या प्रकरण इसका उदाहरण है। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस कर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई।
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हंगामा करते रालोद कार्यकर्ता।
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सूचना पर पहुंचे सीओ आलोक कुमार को जिलाध्यक्ष डॉ. जगपाल तेवतिया ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देते हुए अक्षय के परिजनों को एक करोड़ रुपये व परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। साथ ही जिले के किसानों का चीनी मिलों पर 1200 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान कराने, बढ़ी विद्युत दरें वापस लेने, आवारा पशुओं से निजात व लोनी से लेकर मवींकला तक हाईवे की जर्जर हालत को सुधारे जाने की मांग की।
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हाईवे पर तैनात रही पुलिस।
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इस अवसर पर पूर्व विधायक वीरपाल राठी, पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना, पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार, पूर्व विधायक डॉ. अजय तोमर, पूर्व मंत्री कुलदीप उज्ज्वल, मीडिया प्रभारी अरुण तोमर बोबी, संजीव मान, प्रमेंद्र तोमर, विकास प्रधान, बसंत तोमर, महिला जिलाध्यक्ष रेनू तोमर, आशुतोष तोमर, बोबी बावली, मुनेश बरवाला, नरेश ठेकेदार, नरेश डायरेक्टर, अमित चिकारा, पप्पू पहलवान मौजूद रहे।
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हंगामा करते भाजपा कार्यकर्ता।
- फोटो : amar ujala
अधिवक्ताओं को कचहरी जाने से रोका, पुलिस से झड़प
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और अद्धसैनिक के जवान तैनात रहे। इस कदर सख्ती बरती जा रही थी कि सिसाना गांव से आगे किसी को जाने नहीं दिया जा रहा था। कचहरी जाने से अधिवक्ताओं को भी रोका गया। इसके चलते राष्ट्र वंदना चौक पर पुलिस और अधिवक्ताओं में झड़प हो गई। काफी देर के हंगामे के बाद भी पुलिस ने अधिवक्ताओं को जाने नहीं दिया गया।
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baghpat police
- फोटो : Amar Ujala Meerut
इसके अलावा बड़ौत की ओर से आने वाले लोगों को भी रोका गया। इसके चलते लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री के बागपत से रवाना होने के बाद ही पुलिस रास्तों से हटी। तब लोग अपने गंतव्यों तक पहुंचे।