आजमगढ़ की माटी के लाल लालगंज के तरवां तहसील के निवासी राज्यसभा सांसद अमर सिंह के निधन से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर है। जनपद में जिसने भी ये खबर सुनी स्तब्ध रह गया। उनका पिछले छह माह से सिंगापुर में इलाज चल रहा था। किडनी रोग से ग्रसित थे और किडनी ट्रांसप्लांट हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले अमर सिंह अपनी पैतृक संपत्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नाम करने के लिए आजमगढ़ पहुंचे थे।
22 फरवरी 2019 को राज्य सभा सांसद अमर सिंह ने अपनी संपत्ति को आरएसएस के नाम रजिस्ट्री लालगंज तहसील में की थी। पहले उक्त जमीन को आरएसएस को लीज पर देने की बात चल रही थी, लेकिन अमर सिंह ने अपनी 12 करोड़ की संपत्ति को हमेशा के लिए आरएसएस को देने का फैसला किया। मकान और जमीन की संघ के नाम पर रजिस्ट्री की थी। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में अमर सिंह ने मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के साथ ही आजम खां और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा था।
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अमर सिंह और अभिनेत्री श्रीदेवी (फाइल)
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कहा था कि अगला चुनाव पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच होगा, जिसमें जनता मोदी को चुनेगी। राहुल गांधी भले ही पीएम मोदी से छोटे हों पर विपक्ष में वे सबसे बड़े नेता हैं। इसका उदाहरण मध्यप्रदेश का चुनाव है, जहां भाजपा एक लाख वोट पाकर भी हार गई। प्रियंका गांधी के लिए अमर सिंह ने अपनी राय दी थी। कहा था कि प्रियंका गांधी जैसी मेहनती नेत्री के राजनीति में आने से देश से कॉकरोच पार्टियों का खात्मा होगा और सिर्फ दो राष्ट्रीय दल रहेंगे।
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अमर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
अमर सिंह ने कहा था कि मायावती पीएम बनने का सपना देख रही हैं, जबकि वे सिर्फ आधे यूपी की लीडर हैं। शिवपाल को सपोर्ट करने के सवाल पर कहा था कि कई बार बबुआ ने मेरा चीर हरण किया है। बबुआ ने कई बार कहा कि मैं बाहरी हूं। अब तो मैं नहीं हूं फिर वो एक क्यों नहीं एक हो जाते।
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अमर सिंह, अमिताभ बच्चन
- फोटो : Social Media
आजम खां को हाशिये पर किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बब़ुआ बहुत चालू है। उसे मालूम है कि कब क्या करना है। उसकी भी घर वापसी होगी। एक दिन बबुआ को भी संघी भाषा बोलनी है।
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राज्यसभा सांसद अमर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश के बीजेपी के साथ आने के सवाल पर कहा था कि बबुआ का तो पता नहीं, लेकिन मायावती बीजेपी के साथ आ सकती हैं। क्योंकि उन्हें खुद पता नहीं कि वह कब क्या करेंगी। साथ ही मायावती की तुलना अमर सिंह ने योगमाया से की थी।