14 कोसी परिक्रमा के साथ शुरू हुआ कार्तिक मेला बृहस्पतिवार को पूरे शबाब पर पहुंच गया। 42 किलोमीटर की परिधि में जुड़वा शहर मानव शृंखला से घिरा रहा। परिक्रमा पूरी होने के साथ आस्था का समुद्र सरयू तट से प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ने लगा। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे का दावा है कि 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने 14 कोसी परिक्रमा की है।
कार्तिक शुक्ल पक्ष अक्षय नवमी तिथि से शुरू होने वाला कार्तिक मेला बुधवार की देर रात शुरू हुआ। परिक्रमा का मुहुर्त बृहस्पतिवार सुबह चार बजकर 50 मिनट था लेकिन श्रद्धालुओं ने तय मुहूर्त से पहले ही परिक्रमा शुरू कर दी। बुधवार की शाम से लेकर बृहस्पतिवार की देर रात तक परिक्रमा चली।
24 घंटे से अधिक समय तक परिक्रमा पथ पर आस्था प्रवाहमान रही। वहीं भोर से शुरू हुई बारिश ने श्रद्धालुओं की खूब परीक्षा ली। लगातार हो रही बारिश ने परिक्रमा पथ को कीचड़ से भर दिया, पर भक्तों के मन में उठ रही “जय श्रीराम” की गूंज ने हर कठिनाई को लघु कर दिया।
Ayodhya : चौदहकोसी परिक्रमा…बारिश के बीच पहुंचे 25 लाख श्रद्धालु, लगी 2 किलोमीटर तक कतार; तस्वीरें
14 कोसी परिक्रमा में वर्षा की फुहारें भी मानो अभिषेक कर रही थीं। बच्चे हों या बूढ़े, स्त्री हों या पुरुष, हर मुख से एक ही नाम निकला-राम...राम...।
सरयू किनारे से अपने कदम बढ़ाते दिखे
14 कोसी परिक्रमा में जब लाखों श्रद्धालु सरयू किनारे से अपने कदम बढ़ाते दिखे, तो वर्षा की फुहारें भी मानो उनका अभिषेक कर रही थीं। बच्चे हों या बूढ़े, स्त्री हों या पुरुष, हर मुख से एक ही नाम निकला-राम...राम...।
इस पुकार में भक्ति का ऐसा प्रवाह था कि मार्ग की दुश्वारियां भी भक्ति के रंग में घुलकर अर्थहीन लगने लगीं। श्रद्धालु भीगते हुए भी न रुके, पांव फिसले पर कदम थमे नहीं। शाम ढले जब आसमान पर हल्की धुंध छाई, तब भी रामनाम की ध्वनि थमी नहीं।
भीगे कपड़ों और ठंडी हवाओं के बीच हर भक्त के अधरों पर एक ही वाक्य था, राम सियाराम, सियाराम जय जय राम...। परिक्रमा पथ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर मेलाक्षेत्र में भ्रमणशील रहे।
सरयू के लहरों के साथ दिखा आस्था का प्रवाह
रात दो बजे से सरयू तट पर श्रद्धालुओं के जयकारे गूंजने लगे थे। सुबह के करीब आठ बजे पूरा सरयू तट जयकारों से गूंज रहा था। बारिश के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। घाटों पर तिल रखने की जगह नहीं थी। लाखों श्रद्धालु पुण्यार्जन की होड़ में घाटों में डुबकी लगा रहे थे।
कुछ स्नान कर परिक्रमा शुरू करने की तैयारी में थे। कुछ परिक्रमा पूरी करने के बाद स्नान करने आ रहे थे। हरिकीर्तन करते श्रद्धालुओं की भीड़ से सरयू की लहरों के साथ आस्था का भी प्रवाह नजर आ रहा था। जल पुलिसकर्मी ध्वनि प्रसारक यंत्रों के जरिये गहरे पानी में स्नान न करने की लगातार हिदायत दे रहे थे।
तीन लाख भक्तों ने किए रामलला के दर्शन
परिक्रमा पूरी होते ही परिक्रमार्थियों की भीड़ सरयू में डुबकी लगा स्नान-दान कर प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जुट गई। नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन के साथ श्रीराम लला के दरबार में दर्शन की होड़ रही। रामलला के दरबार में पिछले दो दिनों के भीतर तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई है। बृहस्पतिवार की शाम तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके थे।
14 कोसी परिक्रमा पूरी करने के बाद श्रद्धालु वापसी के लिए जद्दोजहद करते नजर आए। नया घाट हाईवे पर वाहनों का काफिला लगा रहा। घर वापसी के लिए भक्तों की भारी भीड़ नजर आई। इसी तरह बृहस्पतिवार को सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का रेला उमड़ा। अयोध्या से वाराणसी और अयोध्या से लखनऊ की और जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की जबरदस्त भीड़ रही। अयोध्या-मनकापुर इंटरसिटी ट्रेन में भी यात्रियों की काफी भीड़ दिखी।