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UP: पेड़ पर चढ़े कृपाल, फिर भी पीछे लगा रहा तेंदुआ, डर...दहशत और फिर वन विभाग पर फूटे गुस्से में तेंदुआ ढेर

Sun, 08 Jun 2025 06:13 PM IST
विमल शर्मा अनिल चौहान, संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
अनिल चौहान, संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 08 Jun 2025 06:13 PM IST
सार

अमरोहा के कई गांवों में तेंदुए की मौजूदगी और हमलों ने ग्रामीणों में दशहत पैदा कर दिया है। वन विभाग की पंजों की तलाश और पिंजरे लगाने की कोशिशें उपयोगी साबित नहीं हो रही।  इसी का नतीजा है कि कुतुबपुर हमीदपुर गांव में खेतों में अचानक हमला करने के बाद भीड़ ने तेंदुए को घेरकर लाठी-डंडों से मार डाला था। 

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AMROHA: Leopard killed due to fear... terror and then anger against forest department
नाैगांवा सादात में तेंदुए के हमले के बाद नाराज ग्रामीण - फोटो : संवाद

कभी तेंदुए की आहट तो कभी आबादी तक आमद, कभी गुर्राहट तो कभी हमला... इस तरह के अनुभव अमरोहा जिले के कई गांवों के लोगों की नियति बन चुके हैं। इन घटनाओं से जन्म लेने वाला डर देखते-देखते सामूहिक दहशत बन गया। वन विभाग की तरफ से कभी खेतों में पंजों की तलाश तो कभी जल्द पकड़ लेने के दावे होते रहे। पिंजरे लगे तो वह भी खाली रह जाते। नतीजे में ग्रामीण घबराहट के बीच जीने को मजबूर हो गए। शनिवार को तेंदुआ हमलावर हुआ तो भीड़ हिंसक बन बैठी।

AMROHA: Leopard killed due to fear... terror and then anger against forest department
Amroha Leopard Attack - फोटो : वीडियो ग्रैब

खुद ही पंच बनकर इस हद तक बेजुबान को पीटा की वह दम तोड़ गया। तेंदुआ भले ही वन्य जीवों की संरक्षित सूची में आता है, लेकिन आबादी में तेंदुए की आबादी तेजी से बढ़ने के बाद भी इसके संरक्षण का कोई प्रयास नहीं हो रहा। बिजनौर में अमानगढ़ के जंगल को आधार बनाकर जीव-जंतुओं को महफूज माहौल देने प्रयास हो रहे हैं, मगर अमरोहा अभी इस तरह के इंतजामों से कोसों दूर है। तेंदुआ दिखने पर वन विभाग और पुलिस की तरफ से सिर्फ पंजे के निशान की तलाश और गाहे-बगाहे पिंजरे लगाने की कोशिश भर होती है। 

AMROHA: Leopard killed due to fear... terror and then anger against forest department
Amroha Leopard Attack - फोटो : वीडियो ग्रैब

एडवाइजरी भी जारी होती है तो इस तरह की जो ग्रामीण जीवन में व्यावहारिक नहीं है। अक्सर सलाह दी जाती है कि ग्रामीण खेतों-जंगलों की तरफ अकेले न जाएं, बच्चों को घर में रखें, रात में निकलने से बचें। इन मश्वरों पर ग्रामीण अमल नहीं कर पाते। खेत-बाग-बागीचों से सीधा रिश्ता होने के कारण ग्रामीणों का वहां तक जाना जरूरी है तो पशुओं को चराने या चारा लाने के लिए भी खेत व नदी के किनारे उनके जीवन का हिस्सा हैं।

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AMROHA: Leopard killed due to fear... terror and then anger against forest department
Amroha Leopard Attack - फोटो : वीडियो ग्रैब

शनिवार को नौगांवा सादात क्षेत्र के कुतुबपुर हमीदपुर में भी किसान फसलों के लिहाज से खेतों में थे। दिन का उजाला था और अचानक कोविन पर तेंदुए ने हमला कर दिया। भगाने के बजाय ग्रामीणों ने घेरने की कोशिश। डंडाधारी ग्रामीणों के इस तरह के  प्रयासों के बीच से निकलने के लिए बेजुबान ने घेराबंदी करने वालों पर भी हमला कर दिया। हमले का जवाब हमले से देने के तेवर में आई भीड़ ने लाठी-डंडे मारकर उसे मौत की नींद सुला दिया।

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AMROHA: Leopard killed due to fear... terror and then anger against forest department
Amroha Leopard Attack - फोटो : वीडियो ग्रैब

हिंसक बनी भीड़ ने अपने बचाव में ठसके से कहा- हम नहीं मारते तो वह हमें मार डालता। हर दूसरे दिन कहीं न कहीं तेंदुआ नजर आता है। शहर और गांव के बीच रात के सफर में बाइक सवारों का अक्सर तेंदुए से सामना हो जाता है। कुछ लोग हमले का शिकार भी हो चुके हैं, लेकिन सरकारी अमला तेंदुए की दहशत से छुटकारा नहीं दिला पा रहा। यही कारण रहा कि अपने बीच तेंदुए को देख लोगों ने आपा खो दिया और संरक्षित जीव के जीवन की चिंता छोड़कर शिकारी बन बैठे।

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