नागरिकता संशोधन कानून को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता नहीं नजर आ रहा है। एक दिन पहले जहां समर्थन में तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। वहीं, रविवार को 100 से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं ने इसके विरोध में खुल्दाबाद स्थित मंसूर अलीपार्क में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। हर बीतते पल के साथ प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई और रात होने तक यहां हजारों लोग जमा हो चुके थे। देर रात तक पुलिस मान-मनौव्वल में जुटी रही लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए।
सीएए की मुखालफत में उतरीं महिलाएं, बच्चों संग बैठीं धरने पर
खुल्दाबाद में देर रात तक चलता रहा दोपहर में शुरू हुआ प्रदर्शन, बच्चे भी हुए शामिल
खुल्दाबाद के रोशनबाग स्थित मंसूल अली पार्क में दोपहर तीन बजे के करीब मुस्लिम महिलाओं का जुटना शुरू हुआ। साढ़े तीन बजते-बजते यहां 100 से ज्यादा महिलाएं जमा हो चुकी थीं। यह खुल्दाबाद के अटाला, रोशनबाग, शाहगंज के दायरा, करेली के नुरुल्लारोड, गौसनगर, कोतवाली के नखासकोहना समेत अलग-अलग क्षेत्रों से आई थीं। इनके हाथों में बैनर व पोस्टर थे, जिन पर सीएए के विरोध में नारे लिखे थे।
कुछ देर बाद महिलाओं ने पार्क में ही बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि सीएए से सिर्फ देश में वैमनस्यता फैलेगी। ऐसे में सरकार को इस कानून का फौरन वापस लेना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल तरन्नुम खान ने कहा कि सीएए काला कानून है। इतना काफी है कि हम हिंदुस्तानी हैं और हमें किसी को अपनी वतनपरस्ती का प्रमाण देने की जरूरत नहीं। इसी तरह सारा अहमद ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार एनआरसी के माध्यम से मुस्लिमों का उत्पीड़न कर रही है। इसी तरह की बातें अन्य महिलाओं ने भी कहीं। महिलाओं के धरना प्रदर्शन करने की सूचना पर बड़ी संख्या में वहां मुस्लिम समुदाय के पुरुषों का भी जमावड़ा हो गया।
छोटे बच्चे भी थे मौजूद
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि महिलाओं के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी थे। 10-12 साल के कई बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर, बस यही एक नारा है, हिंदुस्तान हमारा है, के नारे लगाते नजर आए। धरना प्रदर्शन में शामिल कई महिलाएं अपनी गोद में दुधमुंहे बच्चों को भी लिए हुए थीं। पूछने पर उनहोंने जवाब दिया कि हिंदुस्तान को बांटने का विरोध इस वक्त नहीं किया गया तो आगे सबकुछ हाथ से निकल जाएगा।
जानकारी पर पहुंची पुलिस, मनौव्वल कर हारी पुलिस, पीएसी बुलाने पर भी नहीं माने लोग, लगे हम हिंदुस्तानी' के नारे
उधर, जानकारी पर पुलिस के भी कान खड़े हो गए। जिसके बाद खुल्दाबाद इंस्पेक्टर रोशनलाल मयफोर्स मौके पर पहुंचे। महिला थाने की पुलिस को भी बुलवाया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से हटने की बात कही लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुई। काफी कोशिशों के बाद भी महिलाएं नहीं हटीं तो एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव भी पहुंचे।
उन्होंने भी धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शन खत्म करने की अपील की। हालांकि प्रदर्शनकारी महिलाएं धरना खत्म करने को राजी नहीं हुईं। रात करीब नौ बजे तक मान-मनौव्वल के बाद भी बात नहीं बनी, जिसके बाद पार्क में पीएसी की भी एक टुकड़ी बुला ली गई। उधर जैसे-जैसे वक्त बीतता गया, धरने पर बैठीं महिलाओं के परिवार के सदस्यों का भी वहां जमावड़ा शुरू हो गया। नतीजा यह हुआ रात 12 बजते-बजते वहां हजारों लोगों की भीड़ जमा हो चुकी थी। उधर पुलिस के साथ ही देर रात तक पीएसी भी मौके पर तैनात रही।
इलाहाबाद नागरिक समाज और अन्य संगठनों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी पहुंचे
उधर सीएए के खिलाफ हो रहे धरना प्रदर्शन में कई संगठनों के लोग भी शामिल हुए। कांग्रेस के कई स्थानीय नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए जबकि विवि के कई छात्र संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने भी सीएए के विरोध में आवाज बुलंद की। इनमें सपा नेता रिचा सिंह के साथ ही कई अन्य संगठनों से जुड़े छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों से अपील की जा रही है कि वह धरना खत्म करें। फिलहाल एहतियातन पार्क में पुलिस के साथ ही पीएसी भी तैनात की गई है। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि महिलाएं धरना खत्म कर घरों को लौट जाएं।
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी