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तस्वीरें: काल के क्रूर मजाक से गांव में सन्नाटा, एक साथ 14 अर्थियां उठने से सिसक रहे लोग, चीत्कार...

Sun, 22 Nov 2020 08:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 22 Nov 2020 08:22 AM IST
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Uttar Pradesh pratapgarh accident news Family members are not stopping the tears silence in the village
एक साथ 14 लाशें - फोटो : अमर उजाला
प्रतापगढ़ में काल के क्रूर मजाक से कुंडा के जिरगापुर गांव में अब मातम और आंसुओं का सैलाब है। सजधजकर दुल्हन लाने के लिए गए 14 बरातियों की हादसे में एक साथ हुई मौत के बाद उपजी चीत्कार और चीखपुकार थमने का नाम नहीं ले रही। गांव के हर कोने में मरघट सा सन्नाटा है। 

 
Uttar Pradesh pratapgarh accident news Family members are not stopping the tears silence in the village
एक साथ 14 लाशें - फोटो : अमर उजाला
विधाता की लिखी इस अनहोनी के बाद मृतकों के परिजन सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। शनिवार को घटना के तीसरे दिन गांव के अधिकांश लोग घरों में कैद रहे। बीच-बीच में मृतकों के परिवारवालों की कभी सिसकियां तो कभी दहाड़ मारकर रोने की आवाजें आती रहीं। सांत्वना जताने के लिए दिन में कई बार नात-रिश्तेदारों का आना-जाना होता रहा। 
 
Uttar Pradesh pratapgarh accident news Family members are not stopping the tears silence in the village
एक साथ 14 लाशें - फोटो : अमर उजाला
उन्हें देखते ही घर के पुरुषों और महिलाओं की चीत्कार गूंज उठती। रिश्तेदार भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। एक-दूसरे को संभालने का प्रयास होता रहा। मानिकपुर थाना क्षेत्र के देशराज का इनारा के पास शादी से लौट रही बोलेरो की ट्रक से हुई टक्कर में 14 बरातियों की मौत का वह खौफनाक मंजर परिजन भूला नहीं पा रहे हैं। रोते-रोते उनकी आंखें पथरा गई हैं, लेकिन आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। 
 
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Uttar Pradesh pratapgarh accident news Family members are not stopping the tears silence in the village
रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
घर के पुरुष, महिलाएं, बच्चे सभी बेसुध पड़े हैं। इस घटना ने मृतकों के परिजनों के साथ ही गांव के लोगों को भी झकझोक कर रख दिया है। शनिवार दोपहर गांव के चंद्रेश यादव घर के सामने तख्त पर गुमसुम बैठे थे। इस हादसे ने उनका पूरा परिवार उजाड़कर रख दिया। ट्रक से बरातियों से भरी बोलेरो की टक्कर में उनके बड़े भाई नानभैया और सबसे छोटे भाई दिनेश कुमार की मौत हो गई। 
 
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Uttar Pradesh pratapgarh accident news Family members are not stopping the tears silence in the village
रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
उनके भतीजों और दिनेश के बेटे अमन (10) और पवन (7) को भी काल ने अपने गाल में समा लिया। चंद्रेश के दूसरे नंबर के भाई राममनोहर के बेटे गौरव की भी जान चली गई। पांच साल का भांजा अंश भी नियति की भेंट चढ़ गया। अब सिर्फ परिवार में दो भाई चंद्रेश और राममनोहर बचे हैं। दोनों बेसुध हैं। दोपहर में कुछ रिश्तेदार और ग्रामीण चंद्रेश को संभालने का प्रयास कर रहे थे। 
 
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