पांचवें चरण के चुनाव में रविवार को जिले की 12 विधान सभा सीटों पर हुए मतदान मुद्दे पीछे छूट गए। जाति-धर्म का तिलिस्म नहीं टूट सका। विकास, शिक्षा, नारी सुरक्षा जैसे मुद्दों की जगह जातीय गोलबंदी हर जगह हावी रही।
UP Election 5th Phase: मुद्दे पीछे छूटे, नहीं टूट सका जाति-धर्म का तिलिस्म
लोकतंत्र के उत्सव में बूथों पर उत्साह के बीच वोटों की बारिश हुई। वाराणसी सीमा से लगी हंडिया सीट हो या फिर भदोही-जौनपुर से लगी प्रतापपुर सीट, हर बूथ पर जातियों की एकजुटता और उनकी ताकत के आधार पर जीत-हार का आकलन किया जाता रहा। वोटों की घेरेबंदी ऐसी ही नजर आई।
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कोई राम मंदिर तो कोई बुलडोजर पर बंटा दिखा
कुरेदने के बाद उनका कहना था कि कोई मुद्दा नहीं है, इस बार भी धर्म और जाति की ही लड़ाई है। कोई अयोेध्या के बाद मथुरा-काशी के नाम पर एकजुट है, तो तो कोई मुकदमे में लोगों को जेल भेजने और घरों पर बुल्डोजर चलाने के विरोध में खड़ा है। इससे आगे बढ़ने पर प्राथमिक विद्यालय नसीरापुर के बूथ पर रामकेश यादव खुलकर कहते हैं कि भइया हम अगर किसी दूसरे दल को वोट दे भी दें, तो कोई मानेगा ही नहीं।
ऐसे में जहां देना था , वहां दे दिया। वहीं, नसीरापुर की हुसैना बानो ने भी पहली बार मतदान तो किया, लेकिन उन्हें मुद्दे का पता नहीं था। वह कहती हैं कि देखते रहिएगा, इस बार 10 मार्च को पता चल जाएगा। यही हाल कमोबेश इस विधान सभा क्षेत्र के अधिकांश बूथों का रहा। इसके बाद हंडिया विधान सभा क्षेत्र के मॉडल प्राइमरी स्कूल के कटहरा बूथ पर पहुंचने पर वहां लंबी कतार मिली।
कई बूथों पर दिखीं लंबी कतारें
बूथ के बाहर राकेश कुमार प्रजापति का कहना था कि उनकी बिरादरी के लिए जिसने काम किया है, वो उसके साथ हैं। यही जवाब रामअधार बिंद का भी था। इसके बाद प्रतापपुर विधान सभा सीट के दयालापुर बूथ पर भी चंद्रशेखर पांडेय मिलने के बाद हाथ पकड़कर किनारे ले जाते हैं। वह कहते हैं कि इस बार नाक की लड़ाई है।
अवधेश पाल और राजा बाबू पटेल भी स्वीकार करते हैं कि जाति-धर्म के अलावा कोई मुद्दा इस बार के चुनाव में नहीं है। इस इलाके के बूथों में आदर्श प्राथमिक विद्यालय अनुआ,प्राथमिक विद्यालय छितौना, सराय ममरेज के सरस्वती इंटर कॉलेज के बूथ पर दोपहर एक बजे के बाद भीड़ छंट गई, लेकिन जैसे ही धूप कम हुई, फिर लोग घरों से निकलने लगे और वोट की ताकत दिखाने के लिए लंबी कतारें लग गई।
सपा-कांग्रेस प्रत्याशियों में नोकझोंक
प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के अनुआ प्राथमिक विद्यालय के बूथ पर सपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों में कहासुनी हो गई। सपा की उम्मीदवार विजमा यादव इस बूथ के भीतर चली गईं। इसकी जब जानकारी कांग्रेस के प्रत्याशी संजय तिवारी को मिली तब उन्होंने इसका जमकर विरोध किया। उनका कहना था कि किसी दल विशेष के उम्मीदवार को बूथ के भीतर नहीं आने देना चाहिए। इस दौरान दोनों प्रत्याशियों में कहासुनी हो गई। संजय ने इसकी शिकायत अफसरों से भी की।
फूलपुर में भाजपा-सपा के बीच कांटे की टक्कर
फूलपुर विधान सभा सीट पर इस बार किसी के लिए राह आसान नहीं दिख रही है। रविवार को बूथों पर भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों और समर्थकों की जोर -आसमाइश खूब होती रही। लेकिन, इस सीट पर भाजपा-सपा के बीच आमने-सामने कांटे का मुकाबला माना जा रहा है। इस टक्कर में सीट किसके खाते में जाएगी, कुछ कहा नहीं जा सकता।
करीब चार लाख से अधिक मतदाताओं वाली इस विधान सभा सीट के बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह देखते बना। फूलपुर विधान सभा क्षेत्र के झूंसी कोहना, हवेलिया, नैका-महीन, नई झूंसी, बहादुरपुर कछार, मलावां, उस्तापुर-महमूदाबाद, चक हरिहर वन, चमनगंज, छिबैयां, बजहां, छतनाग आदि में गांव के पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें लगने लगीं।
गांवों की सड़क से लेकर गलियों तक में दिनभर चहल-पहल बनी रही। इसके अलावां कछारी गांव बदरा-सोनौटी, ढोलबजवा, तुलापुर, कटका, नीबीकला, भतकार प्राथमिक विद्यालयों के बूथों पर भी मतदाताओं में उत्साह नजर आया।