होली के ठीक पहले आर्थिक संकट से यश बैंक के ग्राहकों में भय व्याप्त हो गया है और शुक्रवार को शाखाओं में सुबह ही कतार लग गई। सर्वर डाउन होने की वजह से दिन में पैसा नहीं मिला। इससे ग्राहकों की आशंका और बढ़ गई कि कहीं उनका पैसा डूब तो नहीं गया। हालांकि, सर्वर ठीक होने के बाद पैसा लेने के लिए देर रात तक ग्राहक पहुंचते रहे।
प्रयागराज में यस बैंक के ग्राहकों में मचा हड़कंप, शाखाओं में लग रही है लंबी कतार
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कहीं लेनदेन पूरी तरह से बंद न हो जाए इस भय से सिविल लाइंस में सरदार पटेल मार्ग, थार्नहिल रोड तथा चौक स्थित तीनों शाखाओं में ग्राहकों का सुबह से ही पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। उनका डर और बढ़ गया जब शाखा में सर्वर डाउन होने का हवाला देते हुए बैंक कर्मियों ने किसी तरह के लेनदेन से इंकार कर दिया। इसे लेकर ग्राहकों में नाराजगी रही तथा कर्मचारियों के साथ नोकझोंक भी हुई।
शाखाओं में इस तरह का माहौल पूरे दिन रहा और लोगों में आशंकाओं के साथ नाराजगी रही। थार्नहिल रोड शाखा पहुंचे अभिषेक माथुर का कहना था कि उनकी पूरी कमाई इसी बैंक में है। वेतन भी यहीं आता है। ऐसे में पैसा नहीं मिलने से होली पूरी तरह से खराब हो जाएगी। सरदार पटेल मार्ग स्थित शाखा पहुंचे रोहित सिंह का कहना था कि अब आखिर पैसा कहां रखा जाए। हालांकि, सर्वर ठीक होने के बाद शाखाओं से 50 हजार रुपये तक कैश दिए गए। इसकी सूचना मिलने पर कैश निकालने के लिए शाखाओं में ग्राहकों के पहुंचने का क्रम देर रात तक जारी रहा। ज्यादातर खाताधारकों ने अधिकतम राशि यानी, 50 हजार रुपये निकाले।
एटीएम ब्लाक, चेकबुक न होने से बढ़ी परेशानी
यश बैंक के खाताधारकों की कई स्तर पर परेशानी बढ़ गई है। उनके एटीएम ब्लाक कर दिए गए हैं। इसके अलावा ग्राहक ऑनलाइन बैंकिंग भी नहीं कर पाए। इससे ग्राहकों की परेशानी और बढ़ गई है। मुश्किल यह कि शाखा पहुंचे कई खाताधारकों की यह शिकायत भी रही कि सिर्फ चेक से पैसा दिया जा रहा है। विड्राल से भी पैसा नहीं दिया गया। इसकी वजह से विपिन, शेखर आदि को बिना नकदी लिए ही वापस होना पड़ा। विपिन और शेखर का कहना था कि उन्होंने चेक का लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है। ऐसे में चेकबुक अब ढूंढ़ना पड़ेगा।
सुरक्षा राशि पांच लाख होने से राहत
खाताधारकों में बैंक के बंद होने तथा पैसा डूबने की आशंका बनी रही लेकिन सुरक्षित राशि को लेेकर सरकार के नए फैसले से उनमें उम्मीद भी कायम है। जिनकी बैंक में पांच लाख रुपये से कम राशि जमा है उनमें राहत रही कि उनका पैसा नहीं डूबेगा। ग्राहकों का कहना था कि सरकार ने सुरक्षित राशि एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है। इसलिए इतना पैसा तो मिल ही जाएगा। हालांकि, वर्तमान नकदी संकट से उनमें निराशा और नाराजगी रही।