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होम क्वारंटीन की हकीकत, कहीं सख्त पहरा तो कहीं टूट रही बंदिशें

Sun, 05 Apr 2020 12:17 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 05 Apr 2020 12:17 AM IST
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The reality of home quarantine, there is a tough watch somewhere and there are broken restrictions somewhere
prayagraj news - फोटो : prayagraj

कोरोना महामारी के संक्रमण के बीच दुबई, शरजाह और ओमान से वतन लौटे सैकड़ों लोग घर पहुंच कर भी बेघर हैं। कुछ अपनों से दूर गांव केस्कूलों, सामुदायिक भवन और पंचायत भवन में अलग रखे गए हैं, तो 10 हजार से अधिक लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। वहीं बारा तहसील क्षेत्र में क्वारंटीन सेंटरों में रखे गए लोग गांवों में खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने के खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता।

The reality of home quarantine, there is a tough watch somewhere and there are broken restrictions somewhere
prayagraj news - फोटो : prayagraj

बांका जलालपुर के मोहम्मद अयूब दुबई से विगत 21 मार्च को लौटे, लेकिन कोरोना के शोर के बीच गांव में आते ही प्रधान व अन्य लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। इसके बाद उनको होम क्वारंटीन कर दिया गया। अयूब दुबई में रॉय एस्कॉर्ट होटल में सुपरवाइजर के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बीमारी का डर इस तरह लोगों के जेहन में समाया हुआ है कि गांव-घर को लोग उनसे लगातार दूरी बनाए हुए हैं। बीबी शबीना और दो बच्चे भी अभी तक उनसे दूर हैं।

The reality of home quarantine, there is a tough watch somewhere and there are broken restrictions somewhere
prayagraj news - फोटो : prayagraj

अयूब की तरह की शरजाह से लौटे मोहम्मद आसिफ, ओमान से आए इरशाद भी अभी तक अपनों से नहीं मिल सके हैं। दक्षिण अफ्रीका से लौटे करछना तहसील के कैथी गांव के विनीत कुमार पांडेय और थाईलैंड से वापस आए देवहरा गांव के मोहम्मद नियाज की भी कमोबेश ऐसी ही हालत है।

कोरोना के डर ने अलग कमरे में कैद कर दिया है। लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों में कामधंधा बंद होने के बाद वापस आए लोगों को जब गांवों में प्रवेश करने से रोक दिया गया तब प्रशासन ने परदेसियों के लिए प्राथमिक विद्यालयों, पंचायत भवनों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में क्वारंटीन सेंटर बना दिए हैं। लेकिन वहां सुविधाएं न होने की वजह से कुछ लोग अपने घरों में चले गए हैं। 

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prayagraj news - फोटो : prayagraj

बारा में होम क्वारंटीन की उड़ी धज्जियां

जसरा के ईश्वरदीन स्कूल, बारा के हर्रो सोनरा स्कूल में क्वारंटीन किए गए परदेसी आसपास घूमते देखे जा रहे हैं, जिससे गांवों में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। एसडीएम बारा संदीप भागिया ने बताया कि अब तक 187 लोगों व 40 घरों को क्वारंटीन किया गया है। क्षेत्र में डेरा प्राथमिक स्कूल, सुरवल साहनी, हर्रो, रणजीत इंटर कालेज, गाढ़ा, जेपीएस डिग्री कॉलेज को क्वारटीन सेंटर बनाया गया है, जिसमें लगभग 600 लोगों को एक बार में क्वारंटीन किए जाने की व्यवस्था की गई है। (संवाद)

मऊआइमा में खुलेआम घूम रहे लोग

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, लुधियाना, मुंबई, सूरत समेत कई प्रांतों से लौटे सैकड़ों लोगों को ग्रामीणों ने गांवों में प्रवेश नहीं करने दिया है। ऐसे परदेसियों के गांव पहुंचने पर प्रधानों की सूचना पर पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग ने उनको गांव के विद्यालय में क्वारंटीन सेंटर में ठहरने की व्यवस्थाएं की हैं। फिर भी लोग खुलेआम गांवों में घूम रहे हैं। 

शहर और देहात को मिलाकर जिले भर में करीब 10 हजार लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। स्कूलों, पंचायत भवनों को भी क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है, जहां लोगों को अलग रखने की व्यवस्था की गई। 
डॉ. गणेश प्रसाद, एसीएमओ कोरोना प्रभारी।
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