अबकी माघ मेले की तैयारियों पर छाया संकट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। पहले दलदल और अब तेजी से गंगा में बढ़ रहे कटान ने प्रशासन और संस्थाओं की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। एक-एक करके कई संस्थाओं की भूमि कटान की भेंट चढ़ गई है तो दलदल में शिविर लगाने के लिए एडी-चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। दलदल वाली जगहों पर समतलीकरण का काम सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। वहां न सामान पहुंचाने और आने-जाने के लिए सड़कें बन पा रही हैं और न ही बिजली के पोल लगाना संभव हो पा रहा है।
माघ मेले में दलदल और कटान ने बढ़ा दी दिक्कतें
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दलदल की स्थिति इतनी खराब है कि त्रिवेणी के रामानंदाचार्य अ मार्ग पर समतलीकरण के काम में लगा ट्रैक्टर फंस गया, जिसे जेसीबी की मदद से ही निकाला जा सका। बाढ़ प्रखंड कटान रोकने में सफल नहीं हो पा रहा है। अक्षयवट मार्ग के पश्चिम गंगा की ओर जेनरेटर लगाकर पानी निकालने का प्रयास जारी रहा लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। खाक चौक में नीचे की ओर यानी पुल नंबर एक से गंगा पार करते ही दक्षिण की ओर जो भूमि आवंटित हैं, वहां दलदल इतनी ज्यादा है कि शिविर लगाना किसी भी स्थिति में संभव नहीं हो पा रहा है।
खाक चौक में अयोध्या की मणिराम छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास के सात शिष्यों को मिली भूमि कटान की चपेट में है। कई संस्थाओं की बाउंड्री कटान की भेंट चढ़ गई है। जौनपुर के संत बालकदास निजी स्तर पर जेसीबी लगाकर भूमि का समतलीकरण करा रहे हैं लेकिन इस काम में काफी दिक्कतें आ रही हैं। सेक्टर नंबर तीन में काली रोड से दक्षिण की भूमि में भी दलदल से काफी दिक्कतें हैं, यहां संत शिविर नहीं लगा पा रहे हैं।
पुल नंबर एक पर यातायात सुगम नहीं
खाक चौक के संत कपिलदेव दास नागा का कहना है कि त्रिवेणी और काली पांटून पुल भले ही तैयार कर दिया गया है लेकिन कटान के डर से उस पर आवागमन संभव नहीं हो पा रहा है। वहीं पुल नंबर एक को यातायात के लिए खोला तो गया है लेकिन झूंसी की ओर यह इतना ऊंचा बनाया गया है कि गाड़ी में ब्रेक न लगे तो दुर्घटना की पूरी संभावना बनी रहती है।
0 महामंडलेश्वर संतोष दास ‘सतुआ बाबा’
संयोजक खाक चौक व्यवस्था समिति