गोल्डेन बाबा उर्फ सुधीर कुमार मक्कड़ की कुंभ पुलिस हिस्ट्रीशीट तलाश रही है। उसके खिलाफ कई राज्यों में धन उगाही, धमकाने समेत कई आरोपों में तीन दर्जन अपराधिक मामले दर्ज हैं। कुंभ नगरी में गोल्डेन बाबा की सुरक्षा में तैनात गनर ने धमकाने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी जांच शुरू हो गई है। सीओ आशुतोष मिश्रा के मुताबिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के साथ ही विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल बाबा की हिस्ट्रीशीट तलाश की जा रही है।
पुलिस तलाश रही गोल्डेन बाबा की हिस्ट्रीशीट, जूना अखाड़े पर लगाया बाल संन्यासियों के यौन शोषण का आरोप
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बता दें, कुंभ मेले के दौरान यूपीपी सेवा का सिपाही सतीश कुमार को गोल्डेन बाबा की सुरक्षा में तैनात किया गया था। सिपाही सतीश का आरोप है कुछ दिन पहले गोल्डेन बाबा उसे अपने साथ गाजियाबाद लेकर गया हुआ था। यहां से बाबा ने उसे हरिद्वार चलने को कहा लेकिन उसने गैर राज्य जाने से इंकार कर दिया। सिपाही का आरोप है कि बाबा ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। वहां से वापस आकर उसने पुलिस लाइन सीओ आशुतोष मिश्र के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। सिपाही की शिकायत पर अधिकारियों ने जांच शुरू कराई। सिपाही के बयान दर्ज कराने के पुलिस ने आरोपी बाबा की हिस्ट्रीशीट की भी तलाश शुरू कर दी है। सीओ के मुताबिक सुरक्षा में लगे गनर को हटा लिया गया है। हिस्ट्रीशीट मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जूना अखाड़ा बाल संन्यासियों के यौन शोषण का अड्डा : गोल्डन बाबा
जूना अखाड़े के रमता पंच पद से निष्कासित संत गोल्डन बाबा ने जूना अखाड़े को बाल संन्यासियों के यौन शोषण का अड्डा बताया है। उनका कहना है कि यदि ईमानदारी से जांच की जाए तो यह मामला आसाराम और रामरहीम प्रकरण से भी बड़ा निकलेगा। रविवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए गोल्डन बाबा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए ताकि बाल संन्यासियों को इंसाफ मिले। गोल्डन बाबा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने शिष्य के साथ दुष्कर्म के मामले में न्याय मांगा तो उन्हें अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अखाड़े के कर्ताधर्ता न्याय के बजाय उन पर समझौते का दबाव बना रहे हैं, लेकिन वे न्याय के लिए किसी भी स्तर तक जाएंगे।
इस दौरान दुष्कर्म का आरोप लगाने वाले शिष्य ने भी दोहराया कि उसके अलावा कई अन्य बाल संन्यासियों का भी यौन शोषण किया गया है। यदि सख्ती से पुलिस कार्रवाई करे तो कई बाल संन्यासियों के साथ यौन शोषण के मामले उजागर होंगे। आरोप लगाया कि अखाड़े में रहते हुए एक महंत ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। डर से उसने यह बात किसी को नहीं बताई। परेशान होकर वह चुपचाप अखाड़ा छोड़कर चला गया। उसने कहा कि कहा कि अखाड़े के संरक्षक महंत हरिगिरि महाराज पूरे प्रकरण से अवगत हैं। फिर भी वह न्याय करने के बजाय आरोपी महंत को अपना संरक्षण दे रहे हैं।
गोल्डन बाबा के आरोपों को अखाड़े ने किया खारिज
पंच दशनाम जूना से निष्कासित गोल्डन बाबा की ओर से जूना अखाड़े के पदाधिकारियों पर लगाए गए आरोपों को अखाड़े के श्रीमहंतों ने खारिज कर दिया है। श्रीमहंतों ने एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर गोल्डन बाबा पर धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए उन्हें श्री 420 ठहराया और उनके खिलाफ 34 मुकदमों की सूची जारी की।अखाड़े के मुख्य संरक्षक और अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि, सभापति श्रीमहंत भागवत पुरी, उपाध्यक्ष श्रीमहंत प्रेमगिरि, सोहन गिरि, महामंत्री देवानंद सरस्वती और राष्ट्रीय प्रवक्ता विद्यानंद सरस्वती के हस्ताक्षरों से एक बयान रविवार को जूना अखाड़ा हरिद्वार से जारी किया गया। इसके साथ गोल्डन बाबा उर्फ सुधीर कुमार मक्कड़ उर्फ बिट्टू भगत के विरुद्ध अनेक थानों में दायर 34 मामलों की सूची भी जारी की गई। श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती ने वीडियो जारी कर कहा कि कुंभ मेला प्रशासन की ओर से प्रयाग में दिए गए सुरक्षाकर्मी को गोल्डन बाबा जबरन हरिद्वार ले आए। जब सुरक्षाकर्मी ने बाबा से अनुमति दिखाने को कहा तो बाबा ने उसे चोरी के मामले में फंसाने की धमकी दी। सुरक्षाकर्मी ने प्रयाग लौटकर गोल्डन बाबा के खिलाफ कुंभ मेला थाना में केस दर्ज कराया है।