अचला सप्तमी महोत्सव में शनिवार को साधु-संतों ने नागरिकता संशोधन कानून को राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरी बताया। संतों ने कहा कि इस कानून के विरोध में जिन पार्कों में भी धरने हो रहे हैं, वहां दिन में भाषण और रात को बिरयानी का इंतजाम किया जा रहा है। ऐसे धरना-प्रदर्शन के पीछे खड़े लोगों को चिह्नित कर उनसे सख्ती से निबटा जाना चाहिए। बाघंबरी गद्दी मठ में अचला सप्तमी पर आयोजित वैदिक आचार्यों के सम्मान समारोह के अवसर पर यह बातें कही गईं।
सीए पर संतों ने भरी हुंकार, नरेंद्र गिरि बोले-'पार्कों में दिन में भाषण, रात को बिरयानी मिलती है'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 02 Feb 2020 12:50 AM IST
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