आशंकाओं के बीच पंचायतों का आरक्षण तय कर सूची शनिवार को देर रात में जारी कर दी गई। तीन मार्च को जारी सूची की तुलना में इसमें व्यापक बदलाव हुए हैं। इस पर 23 मार्च तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। आपत्तियों का निस्तारण कर 26 मार्च को अंतिम सूची जारी की जाएगी। पंचायतों के आरक्षण को लेकर दिलीप कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। ऐसे में पंचायतों के आरक्षण की बाबत सूची जारी होने को लेकर आशंकाएं भी उठने लगी थीं। हालांकि, डीएम के हस्ताक्षर के बाद रात में सूची जारी कर दी गई।
जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और ब्लाक प्रमुख का आरक्षण तय, भारी फेरबदल होने से कहीं खुशी कहीं गम (देखें पूरी सूची)
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शासन की ओर से 20 से 22 मार्च के बीच सूची जारी करने का समय दिया गया है। हालांकि जिला प्रशासन ने पहले दिन ही सूची जारी कर दी। इसके लिए पंचायती राज विभाग के कार्यालय, वार रूम में शुक्रवार की पूरा रात आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया चलती रही। कई अफसर और कर्मचारी तो सुबह सात बजे घर चले गए और 10 बजे तक वापस भी आ गए। डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर जिला पंचायत सदस्य के 84, क्षेत्र पंचायत प्रमुख के 23, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2086, प्रधान ग्राम पंचायत के 1540 और ग्राम पंचायत सदस्य के 19820 सीट के लिए आरक्षण निर्धारित कर सूची जारी की गई। सूची देखने के लिए देर रात भी विकास भवन में लोग जुटे रहे।
दावेदारों को पहले ही मालूम हो गई आरक्षण की स्थिति
पंचायतों का आरक्षण जानने को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता रही। इसके लिए विकास भवन पर दिन भर दावेदार तथा समर्थक डटे रहे। सूची जारी हुए बगैर ही कई लोगों को आरक्षण की स्थिति की जानकारी हो गई थी। हालांकि पुष्टि के लिए वे देर रात तक विकास भवन पर डटे रहे। शासन ने 20 से 22 मार्च के बीच सूची जारी करने की घोषणा की है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से शनिवार को ही आरक्षण तय कर पंचायतों की सूची जारी करने की घोषणा की गई थी। ऐसे में आरक्षण की स्थिति जानने के लिए दावेदाराें तथा समर्थकों का भी सुबह से विकास भवन पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। इसकी वजह से पंचायती राज विभाग के सामने लगातार लोगों की भीड़ लगी रही। कई अन्य जिलों में सूची दिन में ही जारी हो गई। ऐसे में यहां देर शाम तक सूची चस्पा नहीं होने से लोगों में नाराजगी भी रही।
इस बार 23 में से आठ ब्लॉकों की प्रमुख रहेंगी महिलाएं
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का आरक्षण शनिवार देर रात जारी होने के बाद ब्लॉक प्रमुख बनने का ख्वाब देख रहे तमाम प्रत्याशियों का समीकरण गड़बड़ा गया है। शनिवार की देर रात विकास भवन के सूचनापट में आरक्षण की सूची चस्पा की गई। सोशल मीडिया में भी सूची रविवार को खूब शेयर की गई। 17 दिन बाद जारी नए आरक्षण से पंचायत सीटों की तस्वीर बदल गई। कई की तैयारियों पर पानी फिर गया तो कई खुशी के मारे झूम उठे। ओवरऑल जिले के 23 ब्लॉकों में से आठ का दायित्व महिलाओं के पास ही रहेगा।
यमुनापार के करछना की बात करें तो यह सीट अनारक्षित थी। इसके बाद तीन मार्च को यह सीट आरक्षित क्षेणी में आ गई। इस दौरान कुछ बड़े दलों को ढूंढने से भी चुनाव लड़ने के लिए कोई मजबूत प्रत्याशी नहीं मिल रहा था, लेकिन शनिवार को देर रात आई सूची के बाद यह करछना महिला सीट में तब्दील हो गई। इसी तरह उरुवा, मेजा, मांडा सीट भी महिला खाते में चली गई है। यमुनापार की मेजा, मांडा, करछना सीट महिला खाते में जाने से अब मेजा विधायक नीलम करवरिया के करीबियों को ब्लॉक प्रमुख बनने का मौका मिल सकता है। इस क्षेत्र में भाजपा के पास महिला प्रत्याशी के रूप में कई चेहरे भी हैं। इसी तरह शंकरगढ़ और भगवतपुर सीट एससी महिला के खाते में चली गई है।
धनुपुर और मऊआइमा सीट भी ओबीसी महिला के पास इस बार रहेगी। कोरांव सीट की बात करें तो वह इस बार आरक्षित है। यहां से भाजपा विधायक राजमणि कोल भी आरक्षित वर्ग के हैं। ऐसे में यहां भी भाजपा, बसपा, सपा के पास तमाम चेहरे ऐसे हैं जो दमदारी से चुनाव लड़ सकते हैं। कौंधियारा की बात करें तो यहां इंद्रनाथ मिश्र ब्लॉक प्रमुख होते आए हैं। इस बार यह सीट अनारक्षित होने से उन्हें एक बार फिर से मौका मिल सकता है। जसरा सीट पर सपा अपना दमखम दिखाने को तैयार है। वहीं गंगापार की हंडिया सीट जो पहले आरक्षित सीट थी, वह इस बार अनारक्षित हो गई है। यहां ब्लॉक प्रमुख के चुनाव काफी हद तक पूर्व विधायक राकेश धर त्रिपाठी पर निर्भर है। वहीं सैदाबाद सीट की बात करें तो वहां राकेश धर त्रिपाठी का भतीजा ब्लॉक प्रमुख है, लेकिन इस बार सीट ओबीसी के खाते में चली गई है। सबसे कम बीडीसी वाली सीट चाका अनारक्षित ही है। यहां दिलीप मिश्र प्रमुख रहे हैं। कयास लगाया जा रहा है कि इस सीट से उनकी पत्नी चुनाव लड़ सकती हैं। वहीं पप्पू गंजिया के भी चुनाव लड़ने की संभावना है।
ब्लॉक प्रमुख का आरक्षण
सामान्य : बहादुरपुर, हंडिया, जसरा, चाका, बहरिया, श्रृंग्वेरपुर धाम, कौंधियारा, सहसों
महिला : करछना, उरुवा, मेजा, मांडा
ओबीसी : सैदाबाद, प्रतापपुर, फूलपुर, कौड़िहार
ओबीसी महिला : धनुपुर और मऊआइमा
एससी महिला : शंकरगढ़ और भगवतपुर
एससी : कोरांव, होलागढ़, सोरांव
जिला पंचायत सदस्य आरक्षण की सूची