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प्रयागराज : थाने के निकट खून की होली से खाकी के इकबाल पर उठे सवाल, अब तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं

Mon, 27 Feb 2023 05:06 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 27 Feb 2023 05:06 AM IST
सार

धूमनगंज थाने से महज तीन सौ मीटर दूर बीच सड़क पर खून की होली खेलने वाले बेखौफ शूटरों का तीसरे दिन भी न पकड़ा जाना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है।

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Questions raised on Khaki Iqbal from Holi of blood near the police station, till now no action has been tak
Prayagraj News : शूटर की वायरल सीसीटीवी फुटेज, जिसे अतीक का पुत्र बताया जाता रहा है। - फोटो : अमर उजाला।

धूमनगंज थाने से महज तीन सौ मीटर दूर बीच सड़क पर खून की होली खेलने वाले बेखौफ शूटरों का तीसरे दिन भी न पकड़ा जाना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। जिस तरह राजूपाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के साथ-साथ पुलिस महकमे के एक सिपाही को भी बेरहमी से दिनदहाड़े मार दिया गया, उससे लोग सहमे हुए हैं।



दिल दहला देने वाली वारदात के तीन दिन हो गए, लेकिन किसी को जिम्मेदार नहीं माना गया। इस हत्याकांड में अब तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बेखौफ बदमाशों के दुस्साहस का यह आलम था कि किसी ने अपना चेहरा ढंका नहीं था। उन्हें इस बात की भी परवाह नहीं थी कि थाना बगल में है। पुलिस की गाड़ी भी आ सकती है।जिस तरह से सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, उससे पुलिस के इकबाल पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

घटना के तौर तरीकों से साफ हो गया है कि बदमाशों को कानून का भय ही नहीं था। उन्होंने उमेश पाल के साथ-साथ दो वर्दीधारियों को भी गोलियों से छलनी कर दिया। एक की मौत हो गई, दूसरा जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। इस मामले पुलिस की लापरवाही साफ साफ नजर आ रही है।

Questions raised on Khaki Iqbal from Holi of blood near the police station, till now no action has been tak
Prayagraj News : शूटरों की वायरल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

शाम को अक्सर वहां पुलिस गश्त करती थी, लेकिन उस दिन एक मिनट तक बदमाश जीटी रोड पर खुलेआम तांडव मचाते रहे। फिर बड़े ही आराम से वहां से भाग निकले, लेकिन उन्हें रास्ते में कोई पुलिस वाला नहीं मिला। वहां छोड़िए, बदमाशों ने चकिया में गाड़ी खड़ी की और वहां से दूसरी गाड़ी से भाग निकले। वहां तक किसी पुलिस वाले को घटना की कोई खबर नहीं थी।

दावा किया जाता है कि आईट्रिपलसी के कैमरे पूरे शहर की निगहबानी करते हैं, लेकिन सारे दावे फेल हो गए। अधिकारियों ने अभी तक न किसी की जिम्मेदारी तय ही न ही किसी की लापरवाही खोजी। इससे आम लोगों में काफी रोष है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी वारदात के बाद भी किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। इससे अधिकारियों की मंशा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

Questions raised on Khaki Iqbal from Holi of blood near the police station, till now no action has been tak
Prayagraj News : उमेश पाल की हत्या का सीसीटीवी फुटेज। - फोटो : अमर उजाला।

अतीक के बेटे ने पिस्टल से चलाई थीं कई गोलियां

सीसीटीवी फुटेज में काले रंग के कपड़े पहने जो शख्स लगातार गोलियां चला रहा है, उसे ही अतीक का बेटा असद बताया जा रहा है। क्रेटा कार में बैठा असद तेजी से उतरता है औक उमेश पाल पर फायर झोंक देता है। उमेश गोली लगने के बाद भी घर के अंदर जाते हैं तो असद घर के अंदर उन्हें दौड़ाकर एक एक बाद एक कई गोलियां दाग देता है। असद की गोलियों की बौछार उमेश नहीं झेल पाते, वह घर में गिर पड़ते हैं। इसके बाद गुड्डू मुस्लिम और गुलाम भी उस पर गोलियां बरसा देते हैं। असद ने गोलियां नौ एमएस के पिस्टल से चलाई थीं।

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Questions raised on Khaki Iqbal from Holi of blood near the police station, till now no action has been tak
Prayagraj News : उमेश पाल के घर के बाहर तैनात पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला

उमेश पाल के ड्राइवर से पूछताछ, सीडीआर की जांच

उमेश पाल के ड्राइवर प्रदीप शर्मा से भी पुलिस ने पूछताछ की है। उसके कॉल डीटेल्स रिकार्ड की जांच की जा रही है। हमले के दौरान प्रदीप को खरोंच तक नहीं आई थी। इसी कारण उसे संदिग्धों की श्रेणी में रखा गया है। घटना वाले दिन उमेश अपनी कार से कोर्ट से जब घर पहुंचे तो कार प्रदीप शर्मा चला रहा था। ड्राइवर के बगल में सिपाही राघवेंद्र सिंह बैठा था। पीछे उमेश पाल और सिपाही संदीप निषाद बैठे थे। कार रुकी तो संदीप और उमेश पीछे से उतरे, तभी एक हमलावर ने उमेश को गोली मार दी। इसके बाद हमलावरों ने एक के बाद एक गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

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Prayagraj News : उमेश पाल के घर के बाहर तैनात पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला
उनका निशाना न सिर्फ उमेश थे, बल्कि उनके दोनों गनर भी थे। संदीप और कार में बैठे राघवेंद्र को भी गोली मार दी गई थी, लेकिन गाड़ी चला रहे प्रदीप शर्मा को शूटरों ने कुछ नहीं किया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ड्राइवर को शूटरों ने क्यों बख्श दिया था। इन्हीं सब बिंदुओं पर ड्राइवर प्रदीप शर्मा से पूछताछ की गई। ड्राइवर का कहना कि वह मौका पाकर भाग गया था। पुलिस ने उसकी सीडीआर निकलवायी है। उसकी जांच की जा रही है। 
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