नागरिकता संशोधन कानून पर विरोध थमने से शहर में शांति का माहौल होने के बावजूद रविवार को जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवा पर दो दिन के लिए प्रतिबंध फिर बढ़ा दिया। पड़ोसी जिले वाराणसी व लखनऊ में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई, लेकिन प्रयागराज के जिला प्रशासन ने प्रतिबंध बढ़ाकर लोगों की मुश्किलों में इजाफा कर दिया। रात 10 बजे से इंटरनेट यहां चालू किया जाना था, लेकिन बीएसएनएल समेत निजी क्षेत्र की अन्य संचार कंपनियों की इंटरनेट सेवा 24 दिसंबर तक के लिए बंद कर लोगों की परेशानियां बढ़ा दी गईं।
प्रयागराज शांत, लेकिन 24 तक बंद रहेगी इंटरनेट सेवा, बढ़ी लोगों की परेशानी
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ऑन लाइन आवेदनों से लेकर खरीद-फरोख्त व अन्य कारोबार पूर्णतया ठप होने से छात्र व्यापारी व आम लोगों के माथे पर बल पड़ गए हैं। इस बीच एयरटेल, तिकोना व अन्य कंपनियों के इंटरनेट चोरी छिपे चलाने की जानकारी मिलने पर सख्ती बरतने का निर्देश दिया गया है। ऐसी कंपनियों को इंटरनेट सेवा बंद रखने केनिर्देश का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है। कहा जा रहा है कि सीएए व एनआरसी पर अफवाह व बवाल फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा को अगले 48 घंटे तक के लिए एहतियात के तौर पर फिर बंद किया गया है।
भारत संचार निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक आनंद कुमार मिश्र ने बताया कि डीएम कार्यालय से जारी निर्देश में रविवार की रात 10 बजे के बाद इंटरनेट सेवा चालू करने के लिए कहा गया था, लेकिन शाम सात बजे मिले पत्र में अब इस अवधि को 24 दिसंबर की रात 10 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया है। जीएम के पीआरओ एसबी उपाध्याय ने बताया कि कुछ निजी कंपनियों के इंटरनेट चलाए जाने की भी जानकारी मिली है। इससे जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है। फिलहाल बीएसएनएल समेत सभी संचार माध्यमों की इंटरनेट सेवा बंद रखने के निर्देश का सख्ती से पालन कराने के लिए कहा गया है, ताकि नागरिक संशोधन कानून को लेकर अराजक तत्व किसी तरह की अफावह फैलाने या किसी स्थान पर जमावड़ा करने में सोशल मीडिया व साइट्स का इस्तेमाल करने में सफल न हो सकें।
पेटीएम बंद होने से रुक गए 50 हजार ट्रांजेक्शन
इंटरनेट बंद होने के साइड इफेक्ट लगातार सामने आ रहे हैं। बीते दो दिन के दौरान इंटरनेट बंद होने की वजह से तमाम ऑनलाइन ट्रांजेक्शन लोग नहीं कर पा रहे हैं। सरकार की कैशलैश मुहिम को भी इससे झटका लगा है। बात अगर पेटीएम की करें तो तीन दिन के दौरान तकरीबन 50 हजार ट्रांजेक्शन नहीं हो सके।
प्रयागराज में औसतन हर रोज पेटीएम के माध्यम से 15 से 20 हजार के बीच ट्रांजेक्शन होते हैं। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन के चलते यहां तीन दिन से मोबाइल इंटरनेट सेवा बाधित है। इसका सीधा असर पीएम मोदी की कैशलेश मुहिम को भी लगा है। पेटीएम के अलावा रुपये एप एवं अन्य सभी एप से ठप ही पड़ गए हैं। ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को भी झटका लगा है। मोबाइल इंटरनेट बंद होने से अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि एप से भी लोग अपनी पसंद की शॉपिंग नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि खुदरा व्यापारी इससे जरूर खुश है। कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने बताया कि निश्चित ही इंटरनेट सेवा बाधित होने से जीएसटी का रिटर्न आदि भरने से व्यापारियों को परेशानी तो हो रही है। लेकिन यह भी ठीक है कि ई कामर्स कंपनियां जो लगातार खुदरा व्यापारियों को कमजोर कर रही थी उन्हें भी झटका लगा है। उन्होंने बताया कि तीन दिन के दौरान तकरीबन 300 करोड़ के कारोबार पर असर सिर्फ प्रयागराज में ही पड़ा है।
ट्रेनों की लोकेशन के लिए रिश्तेदारों और दोस्तों की ली जा रही मदद
मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद होने की वजह से कोहरे के इस मौसम में ट्रेनों की लोकेशन लोगों को नहीं मिल पा रही है। आलम ये है कि अब जिन शहरों में यह इंटरनेट सेवा बाधित नहीं है वहां रह रहे लोगों से शहरी ट्रेनों की लोकेशन के बारे में जानकारी ले रहे हैं। सोहबतियाबाग के प्रत्युष ने रविवार को रीवा एक्सप्रेस की लोकेशन के लिए बंगलूरू में रह रहे अपने भाई रितेश को फोन कर पूछा। वहां रितेश ने पल भर में ही ट्रेन इनक्वायरी डॉट काम के माध्यम से रीवा एक्सप्रेस की लोकेशन बता दी। दरअसल रेलवे की 139 सेवा से भी ट्रेन आगमन-प्रस्थान की जानकारी ली जा सकती है लेकिन इस सेवा से सटीक जानकारी न मिलने की लोग अमूमन शिकायत करते हैं। इसी वजह से जहां इंटरनेट बाधित नहीं है उन लोगों से शहरी इस तरह की सेवा का लाभ ले रहे हैं।