जिसका डर था आखिर वही हुआ। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का एक स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वॉय में कोरोना के लक्षण मिले हैं। इसके अलावा जीआरपी जवान, सोरांव स्थित निजी हॉस्पिटल संचालक डॉक्टर की पत्नी सहित पांच लोग पॉजिटिव आए हैं।
Prayagraj Corona Update: प्रयागराज में सात नए कोरोना पॉजिटिव मिले, एसआरएन की स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय, हॉस्पिटल संचालक की पत्नी संक्रमित
संक्रमित नए मामलों में दो मरीज स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के हैं। राजरूपपुर का रहने वाला एक स्टाफ नर्स और एक वार्ड ब्वॉय पॉजिटिव आया है। वार्ड ब्वॉय एसआरएन परिसर में ही रहता है। इन दोनों के नमूने सोमवार को लिए गए थे। ये दोनों कर्मचारी सर्जरी के मरीजों की देखभाल भी कर रहे थे। उधर, सोरांव स्थित निजी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर की पत्नी भी पॉजिटिव आ गईं है।
डॉक्टर अपना उपचार लखनऊ में करा रहे हैं। वहीं उनकी पत्नी भी जांच हुई है। इसी क्रम में दिल्ली से लौटे होलागढ़ के युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे एल-1 हॉस्पिटल भेज दिया गया। अतरसुइया भागवतबाग का 58 साल का व्यक्ति कैंसर का मरीज है। वह कमला नेहरू उपचार के लिए गया था। लेकिन चिकित्सकों ने पहले कोविड-19 की जांच की सलाह दी।
जांच में वह पॉजिटिव आ गया। उसे एसआरएन रेफर भेजा गया। वहीं कोरांव का युवक तीन दिन पहले बाहर से आया था। उसके संपर्क में आने से उसकी मां भी पॉजिटिव आ गई है।
इसके अलावा जीआरपी लाइन का एक और जवान पॉजिटिव आ गया है। वह भी पहले पॉजिटिव आए तीन साथियों में से एक के संपर्क में था। इस तरह जीआरपी के कुल 14 जवान कोरोना संक्रमित हो गए हैैं। नए केस मिलने से एसआरएन परिसर, राजरूपपुर, अतरसुइया का भागवतबाग का इलाका हॉटस्पॉट हो गया है।
सर्जरी इमरजेंसी में दो नए मामले आने से मामला गंभीर
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की सर्जरी इमरजेंसी में मंगलवार को दो नए मामले सामने आने से हड़कंप मच गया। सर्जरी इमरजेंसी में पॉजिटिव होने का यह तीसरा मामला है। इन दोनों के पहले एक स्टाफ नर्स पॉजिटिव आई है। उसे एसआरएन में भी रखा गया है।महिला स्टाफ नर्स के पॉजिटिव आने के बाद चिकित्सालय प्रशासन ने जूनियर डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वॉय, सफाई कर्मी सहित कुल 50 से अधिक लोगों के नमूने लेकर जांच कराई है। इसमें से कुछ की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि कुछ की आनी है। सर्जरी इमरजेंसी में 50 से अधिक मरीज भर्ती हैं। वार्ड ब्वॉय और नर्स के पॉजिटिव होने से स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मरीजों, तीमारदारों के भी संक्रमित होने की संभावना बढ़ गई है।