फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pratapgarh: एक साथ जलीं 13 चिताएं, मुंह को आया कलेजा, रो-रोकर पथरा गईं परिजनों की आंखें

Sat, 21 Nov 2020 01:47 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 21 Nov 2020 01:47 AM IST
विज्ञापन
Pratapgarh: 13 pyres burnt together, heart felt in the mouth, eyes of the family crying out
जिरगापुर गांव में हुआ अंतिम संस्कार। - फोटो : अमर उजाला

कुंडा हादसे में बृहस्पतिवार रात जान गंवाने वाले छह बच्चों समेत 14 लोगों के शव शुक्रवार दोपहर बाद जिरगापुर गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। अपनों के शवों से लिपटकर घरवाले बिलखते रहे। हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों का नाम लेकर घर की महिलाएं पुकारतीं रहीं। यह देख वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। गांव के अधिकतर लोग सिसकते रहे। शाम करीब चार बजे के करीब एक साथ 13 अर्थियां उठीं आंसुओं का सैलाब फूट पड़ा। अर्थियों के पीछे घर के लोग रोते हुए चले। मानिकपुर के करेंटी घाट पर शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले हादसे में मारे गए मासूम अंश का शव एंबुलेंस से ननिहाल जिरगापुर से उसके गांव हथिगवां भेजा गया।

Pratapgarh: 13 pyres burnt together, heart felt in the mouth, eyes of the family crying out
pratapgarh news : pratapgarh accident - फोटो : प्रतापगढ़

जिरगापुर निवासी संतलाल यादव के बेटे सुनील यादव की बृहस्पतिवार को शादी थी। बरात नवाबगंज थाना क्षेत्र के शेखपुर मोहम्मदपुर गांव में गई थी। द्वारपूजा के बाद खाना खाकर दूल्हा सुनील के परिवार के सदस्य गांव के ही फौजी की बोलेरो से घर लौट रहे थे। जिसमें बच्चों समेत कुल 14 लोग सवार थे। देर रात करीब 12 बजे मानिकपुर थाना क्षेत्र के देशराज का इनारा के पास तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क पर खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। बोलेरो सवार सभी की मौके पर ही मौत हो गई थी।

Pratapgarh: 13 pyres burnt together, heart felt in the mouth, eyes of the family crying out
pratapgarh news : pratapgarh accident - फोटो : प्रतापगढ़

शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से पुलिस सभी शवों को लेकर जिरगापुर पहुंची। घरों के करीब ही खाली स्थान पर पहले से ही अर्थियां तैयार कर रखी गई थीं। एंबुलेंस से शवों को उतारकर अर्थियों पर रखते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। कफन में लिपटे 13 शवों के कपड़ों पर पहचान के लिए नाम लिखा गया था। वहां मौजूद लोगों की मदद से सभी के परिजन उनका अंतिम दर्शन करने पहुंचे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Pratapgarh: 13 pyres burnt together, heart felt in the mouth, eyes of the family crying out
pratapgarh news : pratapgarh accident - फोटो : प्रतापगढ़

चेहरा देखते ही लोग शवों से लिपटकर रोने लगते। घर की महिलाएं, पुरुष व बच्चों की चीत्कार देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। अफरातफरी के बीच हर कोई मृतकों का अंतिम दर्शन करने के लिए आतुर था। करीब एक घंटे बाद एक साथ शवों को अंतिम संस्कार के लिए उठाकर एंबुलेंस में रखा जाने लगा। एंबुलेंस से ही शवों को अंतिम संस्कार के लिए करेंटी घाट ले जाया गया। एंबुलेंस के पीछे-पीछे पुलिसकर्मी अपने वाहनों से चल रहे थे। घाट पर पहले से ही अंतिम संस्कार की तैयारी थी।

विज्ञापन
Pratapgarh: 13 pyres burnt together, heart felt in the mouth, eyes of the family crying out
pratapgarh news : pratapgarh accident - फोटो : प्रतापगढ़

पुलिस व रिश्तेदारों की मौजूदगी में चिताओं में परिवार के लोगों ने आग लगाई। सबसे बुरा हाल राममनोहर का रहा। वह अपने भाई दिनेश, नानभैया, बेटे गौरव व भतीजे अमन व पवन की चिताओं में आग लगाते समय बेसुध रहा। उसकी आंखों से लगातार आंसू गिर रहे थे। नान भैया के शव को बेटे प्रदीप ने मुखाग्नि दी, लेकिन साथ में राम मनोहर खड़ा रहा। घाट पर हजारों लोगों की भीड़ के साथ ही परिवार के लोग मौजूद रहे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed