थरवई में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्याओं के खुलासे के लिए डीएनए टेस्ट का भी सहारा लेने की तैयारी है। पुलिस हिरासत में लिए गए संदिग्धों का डीएनए टेस्ट भी करा सकती है। जल्द ही इसके लिए सैंपल भी लिए जा सकते हैं। इसके बाद सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब में भेजे जाएंगे।
सामूहिक हत्याकांड : डीएनए टेस्ट खोलेगा पांच हत्याओं का राज, संदिग्धों के लिए जाएंगे सैंपल
जानकारों का कहना है कि पुलिस को मौके से कोई भी ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे कि हत्यारों का सुराग मिल सके। हत्या में प्रयुक्त हथियार तक का अब तक पता नहीं चल सका है।
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‘पट्टीदारों ने जमीन के विवाद में की हत्याएं’
थरवई हत्याकांड में सोमवार को एक और विवाद सामने आया। मारे गए परिवार की बहू के पिता ने शक जताया है कि इस हत्याकांड को उसके समधी के पट्टीदारों ने अंजाम दिया। उसने चार लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
मऊआइमा निवासी वादी ने तहरीर में पुलिस को बताया है कि उसने अपनी बेटी की शादी 2016 में सुनील के साथ की थी। बेटी के ससुर राजकुमार के नाम से खेवराजपुर गांव में कीमती जमीनें थीं। कुछ समय बाद समधी ने अपनी कुछ जमीनें बेच दी थी जिसका उनके भाई राजेंद्र, विजय, प्रदीप व भतीजे राहुल उर्फ विधायक ने जमकर विरोध किया था। आरोप यह भी है कि पूरे परिवार की हत्या की धमकी भी दी जा रही थी।
ऐसे में शक है कि उपरोक्त लोगों ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया। एसपी गंगापार अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि तहरीर में जो भी आरोप लगाए गए हैं, उन्हें मूल मुकदमे में समाहित कर लिया गया है और जांच पड़ताल की जा रही है। जिन चार लोगों पर शक जताया गया है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। उनकी संलिप्तता के संबंध में भी गहनता से छानबीन की जाएगी।
मायके पहुंची पुलिस, नहीं मिला रिश्तेदार
उधर एक दिन पहले दंपति के बेटे सुनील यादव के शक जताने पर सोमवार को पुलिस की एक टीम उसकी पत्नी के रिश्तेदार युवक की तलाश में मऊआइमा पहुंची। लेकिन वह घर पर नहीं मिला। पूछताछ में यह बात सामने आई कि वह गुरुग्राम में है और वहीं रहकर काम करता है। यह भी पता चला कि 15-20 दिन पहले वह गांव आया था लेकिन कुछ दिनों तक रहने के बाद वापस चला गया। पुलिस अफसरों का कहना है कि उसके मोबाइल की डिटेल भी खंगाली जा रही है। जानकारी की जा रही है कि घटना वाली रात वह कहां था।
जेल में बंद छेमार गिरोह के सदस्यों से पूछताछ
प्रयागराज। थरवई हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस की एक टीम ने नैनी जेल में बंद छेमार गिरोह के सदस्यों से पूछताछ की। उनसे उनके उन साथियों के बारे में जानकारी हासिल की गई जो पिछले साल नवंबर में मुठभेड़ के दौरान फरार हो गए थे। यह चारों बिहार के रोहतास के रहने वाले हैं जिस पर एक टीम पहले ही उनकी तलाश में रोहतास भेजी जा चुकी है। जेल में बंद गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में यह बात भी पता चली कि उनके कुछ साथी मिर्जापुर में हैं। जिस पर पुलिस की एक टीम मिर्जापुर भी भेजी गई है।
रेलवे स्टेशनों पर सुरागरशी
जांच में लगी पुलिस टीमें न सिर्फ जंक्शन और शहर के स्टेशनों बल्कि गांव व कस्बों में स्थित छोटे रेलवे व बस अड्डों पर भी सुरागरशी में जुटी है। दरअसल अक्सर घुमंतू गिरोह के सदस्य छोटे स्टेशनों के आसपास डेरा बनाकर रहते हैं। ऐसे में टीमें अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर सुराग जुटाने में लगी हुई हैं।