लद्दाख की गलवां घाटी में शहीद हुए जवान रीवा के दीपक सिंह गहरवार के अस्थि कलश का विसर्जन सोमवार को संगम में हुआ। संगम में शहीद के अस्थि कलश का विसर्जन उनके बड़े भाई प्रकाश सिंह ने किया। प्रकाश भी सेना में ही जैसलमेर में तैनात हैं। नम आंखों के साथ उन्होंने और शहीद दीपक के परिजनों एवं दोस्तों ने विसर्जन कार्यक्रम में शिरकत की।
गलवां घाटी में शहीद मध्य प्रदेश के लाल दीपक सिंह की अस्थियां संगम में विसर्जित, नम आंखों से लोगों ने दी श्रद्धांजलि
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सुबह दस बजे के आसपास ही प्रकाश सिंह रीवा से अस्थि कलश लेकर निकले। फूलों से सजे वाहन से वह शाम चार बजे के आसपास संगम तट पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने शहीद दीपक को श्रद्धांजलि दी। कलश विसर्जन के बाद शहीद के बड़े भाई प्रकाश ने बताया कि दीपक की पिछले वर्ष 30 नवंबर को ही शादी हुई थी। बताया कि हम दो भाई हैं।
छोटा होने की वजह से दीपक हम सभी का दुलारा था। प्रकाश के अनुसार दीपक की सेना में अप्रैल 2012 में ज्वाइनिंग हुई थी। पहली तैनाती दिल्ली स्थित बेस अस्पताल में रही। इसके बाद देहरादून और वर्तमान में वह लेह में तैनात था। कहा कि जैलसमेर से कुछ आगे मेरी ट्रेनिंग चल रही थी। वहां नेटवर्क समस्या की वजह से दीपक से कम बात हो पाती थी।
दीपक से मेरी आखिरी बात फोन पर चार मई 2020 को हुई थी। मार्च 2020 में दीपक कुछ दिनों की छुट्टी पर रीवा आया था। प्रकाश ने बताया कि उन्होंने ही अपने छोटे भाई को मुखाग्नि दी थी। आज सुबह रीवा में भी अस्थि कलश यात्रा के दौरान काफी लोग आए। रास्ते में जगह-जगह अस्थि कलश पर लोगों ने पुष्प वर्षा की। प्रयागराज में भी अस्थि कलश पर कुछ स्थानों पर पुष्प अर्पित किए गए।
तीर्थपुरोहितों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों की ओर से धोखे से किए गए हमले में शहीद जवान दीपक सिंह गहरवार का अस्थि कलश सोमवार को संगम में विसर्जित कर दिया गया। इस दौरान शहीद जवान की आत्मा की शांति के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रार्थना की गई। तीर्थ पुरोहितों ने संगम की मध्यधारा में नाव से पहुंचकर अस्थि विसर्जन कराया। शहीद जवान के अस्थि कलश को पूरे वैदिक रीति रिवाज के साथ संगम में विसर्जित किया गया।इस दौरान अस्थि विसर्जन के समय तमाम लोगों की आंखें नम हो गईं। तीर्थपुरोहितों ने कलश की पूजा के बाद दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए भी प्रार्थना की। इस दौरान भारत मां के वीर सपूत को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
अस्थि विसर्जन के बाद तीर्थ पुरोहित पं अंकुश शर्मा ने कहा कि शहीद दीपक सिंह के शौर्य और बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा और आने वाली पीढ़ी उनकी शहादत से हमेशा सीख लेती रहेगी। अस्थि विसर्जन केमौकेपर तीर्थ पुरोहित मनोज शर्मा, सुधांशु पांडेय, सचिन शर्मा, राहुल शर्मा, लखन शर्मा, मोनू पंडा मुख्य रूप से उपस्थित थे।