माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति पर संगम समेत गंगा के 15 घाटों पर पुण्य की डुबकी लगेगी। संतों-भक्तों से मास्क लगाने के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए भी कहा गया है। इस क्रम में केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने की हिदायत दी गई है। भीड़ के अनुमान को देखते हुए मेले के सभी 17 प्रवेश द्वारों और स्नान घाटों पर कोविड हेल्प डेस्क तैनात कर दी गई है। ताकि, किसी भी तरह के संदिग्ध मरीजों को समय रहते चिह्नित किया जा सके।
Makar Sankranti 2023 : स्नान पर्व 14 जनवरी को, संगम समेत गंगा के 15 घाटों पर लगेगी पुण्य की डुबकी
माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति पर संगम समेत गंगा के 15 घाटों पर पुण्य की डुबकी लगेगी। संतों-भक्तों से मास्क लगाने के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए भी कहा गया है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी को हर परिस्थिति से निबटने के लिए मेडिकल रिस्पांस टीम तैयार रखने, हर चीज का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाने के साथ ही आपातकालीन स्थिति में ग्रीन कॉरिडोर का प्रयोग करने का निर्देश दिया गया। स्नान पर्व पर एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के साथ ही उन्हें स्ट्रैटेजिक लोकेशन पर खड़े करने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ ने बताया कि फिलहाल मेला क्षेत्र के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है, लेकिन भीड़ को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने निजी अस्पतालों से सहायता लेते हुए इनकी संख्या अधिक से अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर बैठक में पुलिस महानिरीक्षक चंद्र प्रकाश, अपर पुलिस आयुक्त आकाश कुलहरि, जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री भी मौजूद थे।
सूर्य कल होंगे उत्तरायण, मकर संक्रांति 15 जनवरी को
इस बार 14 जनवरी को सूर्य उत्तरायण होंगे। रात 8:44 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही खरमास उतर जाएगा और शुभ घड़ी आ जाएगी। लेकिन, खिचड़ी का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। पुण्यकाल भी रविवार की सुबह से शाम तक रहेगा। लेकिन संगम पर डुबकी शनिवार को ही लगने लगेगी।
भगवान सूर्य शनिवार की रात को ही मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। लेकिन उदया तिथि की मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति इस बार रविवार को मनाई जाएगी। संक्रांति सुबह 8:57 बजे से मान्य होगी,लेकिन महा पुण्यकाल सुबह 7:15 बजे से शुरू हो जाएगा। ज्योतिषाचार्य ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक पुण्यकाल शाम 5:46 बजे तक यानी 10 घंटे 31 मिनट तक रहेगा। खिचड़ी का त्योहार भी 15 जनवरी को ही मनाया जाएगा। इस दौरान तिल, गुड़ और उड़द का दान कर श्रद्धालु पुण्य फल अर्जित कर सकेंगे। इस बार मकर संक्रांति पर शनि की ढैया से उबरने का भी अहम संयोग है। शनि और सूर्य एक साथ मकर की कक्षा में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में शनि की दोषों से मुक्ति के जतन किए जा सकेंगे।
अस्पतालों में पर्याप्त दवा की उपलब्धता बनाने की ताकीद
सीएमओ को स्नान पर्व से पहले चिकित्सा विभाग का एक रिहर्सल करने, भगदड़ के दृष्टिगत एक कंटीजेंसी प्लान तैयार करने और ठंड, हार्ट, लंग संबंधित बीमारियों की दवाई अनिवार्य रूप से अपनी अस्पतालों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
50 मोटर बोट, 100 नावों से होगी घाटों की निगरानी
अग्नि दुर्घटना से लोगों को बचाने के लिए मेला क्षेत्र में 14 फयर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। घाटों पर जल पुलिस की ओर से 50 मोटर बोट, और 100 नावों की व्यवस्था की गई है, जिसका प्रयोग मेले की सुरक्षा व्यवस्था बनाने में किया जाएगा।