नए साल पर दस्तक देने वाली ठंड ने रोजमर्रा के जीवन को भी प्रभावित कर दिया है। खासतौर पर बच्चे घरों में कैद हो गए हैं। अब तो आठवीं तक के विद्यार्थियों की 14 जनवरी तक छुट्टी कर दी गई है। इसके अलावा सुबह के समय लोग जरूरी काम से ही घरों से निकले। सोमवार भोर में तापमान पांच डिग्री के करीब पहुंच गया था। हालांकि, दिन में धूप निकली लेकिन गलन बनी रही।
Prayagraj Weather News : धूप निकली, लेकिन गलन बरकरार, पांच डिग्री तक नीचे रहा पारा
सोमवार को दिन भर सर्द हवाएं चलीं। इससे लोग धूप में निकलने से भी बचते रहे। मंगलवार को भी देर सुबह तक घने कोहरे के आसार हैं। इसकी आहट सोमवार शाम को ही हो गई थी और रात में नौ बजे तक कोहरे की वजह से कुछ दूरी तक दिखना ही बंद हो गया था। अभी तीन-चार दिनों तक इसी तरह के मौसम के आसार हैं।
अधिकतम तापमान 19.8
न्यूनतम तापमान 5.2
सूर्योदय 6.50
सूर्यास्त 17.29
पूर्वानुमान - मंगलवार को छह से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहने की उम्मीद है। देर सुबह तक घने कोहरे एवं ओस पड़ने के आसार हैं।
एक साथ आठ उड़ानें निरस्त, दिल्ली और भुवनेश्वर के विमान ही पहुंचे
खराब मौसम और दृश्यता ठीक न होने की वजह से प्रयागराज एयरपोर्ट आने वाली आठ उड़ानें निरस्त रहीं। इस वजह से यात्रियों को खासी दिक्कत हुई। इस सीजन में पहली बार एयरपोर्ट में इतनी संख्या में उड़ानें निरस्त हुई हैं। एयरपोर्ट में सिर्फ दिल्ली और भुवनेश्वर उड़ान की ही आवाजाही विलंब से हो सकी।
प्रयागराज एयरपोर्ट पर जिन विमानों की आवाजाही निरस्त रही, उसमें मुंबई, बंगलूरू, इंदौर, लखनऊ, गोरखपुर, भोपाल, देहरादून एवं रायपुर उड़ानें शामिल रहीं। इन सभी आठ शहरों के लिए सोमवार को विमानों का आवागमन नहीं हुआ। इस बीच बंगलूरू और मुंबई फ्लाइट ने उड़ान तो भरी, लेकिन दृश्यता ठीक न होने की वजह से वह प्रयागराज में उतर नहीं सकी। बाद में दोनों लखनऊ भेज दी गईं।
उधर, भुवनेश्वर उड़ान दोपहर 12 बजे की जगह शाम चार बजे यहां से रवाना हो सकी। इसके पूर्व भुवनेश्वर से भी यह उड़ान तकरीबन चार घंटे की देरी से शाम पौने चार बजे यहां पहुंच सकी थी। वहीं दिल्ली उड़ान भी दोपहर 2.25 की जगह 3.50 बजे यहां पहुंची। बाद में इसे शाम 4.30 बजे रवाना किया जा सका, जबकि इंडिगो की इस उड़ान का सही समय दोपहर 2.55 बजे है। इस दौरान एयरपोर्ट में इन दोनों विमानों से कुल 457 यात्रियों की आवाजाही हुई।
ठंड लगने से वृद्ध की मौत
थाना क्षेत्र के गंगोत्री नगर मोहल्ले में एक लाज की रखवाली कर रहे वृद्ध की मौत हो गई। कौशाम्बी निवासी रामबाबू (65) गंगोत्री नगर मोहल्ले में अपने रिश्तेदार के यहां पत्नी के साथ रहकर लाज की देखभाल करते थे। सोमवार भोर में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि उनकी मौत ठंड लगने के कारण हुई है।
प्रतापगढ़ में ठंड बनी काल, तीन दिन के भीतर छह लोगों की गई जान
ठंड कहर बरपा रही है। ठंड ने तीन दिन के भीतर छह लोगों की जान ले ली। दमा, हृदय और ब्रेन स्ट्रोक के रोगियों से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से लेकर मेडिकल वार्ड फुल हो गया है। 24 घंटे के भीतर 18 मरीज भर्ती हुए हैं। जिनकी सांसों को बचाने के लिए चिकित्सकों ने ऑक्सीजन लगा रखा है।राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के इमरजेंसी से लेकर मेडिकल वार्ड फुल हैं। रात में मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ने लगती है। सुबह हालत में सुधार होने पर मरीज डिस्चार्ज होकर घर चले जाते हैं। विभाग के रिकार्ड पर गौर करें तो 24 घंटे के भीतर दमा, हृदयरोगी और ब्रेन स्ट्रोक के 18 मरीज भर्ती हुए हैं। जिन्हें ऑक्सीजन पर रखकर उपचार किया जा रहा है। वहीं तीन दिन के भीतर छह मरीजों की जान जा चुकी है। मरने वालों में मुन्नी देवी, राम लखन, दयाशंकर, बकरीदी शामिल हैं।
डॉक्टर अनुज चौरसिया ने बताया कि बीते तीन दिनों से ठंड बढ़ गई है। इसके चलते दमा के रोगियों को ज्यादा दिक्कतें हो रही है। दिन में कुछ आराम रहता है मगर शाम ढ़लने के साथ जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है। वैसे-वैसे मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें होने लगती है। वहीं हृदयरोगियों के साथ ब्रेन स्टोक के केस भी बढ़े हैं। ऐसे में ठंड से पूरी तरह से बचे। ठंड के दिनों में बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकले। गुनगुना पानी खूब पीएं। सात बजे के बाद मॉर्निंग वाक पर निकले। बीपी और सूगर के साथ हृदय रोगी अपनी दवा जरूर खाएं। रात में अचानक कमरे से निकल कर बाथरूम तक न जाएं।
मुंबई जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे टैक्सी चालक की थम गई सांसें
दिलीपपुर थाना क्षेत्र के नाजियापुर निवासी इसराइल (55) रविवार को मुंबई जाने के लिए घर से अपने बेटे के साथ बाइक से जंक्शन आए थे। ट्रेन लेट हो जाने की वजह से बेटे को घर भेज दिए। बेटे के जाने के कुछ देर बाद अचानक उनके सीने में दर्द उठा। जब तक कोई उनकी मदद करता। प्लेटफार्म पर ही उनकी सांसें थम गई। खबर मिलने पर परिजन आनन-फानन में स्टेशन पहुंचे। मेडिकल कॉलेज ले गए। चिकित्सकों के मृत घोषित करने के बाद शव घर लेकर चले गए।