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माघ मेले ने लिया आकार, शिविरों में आने लगे कल्पवासी, जानिए इससे जुड़ी हर एक बात

Fri, 03 Jan 2020 01:32 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 03 Jan 2020 01:32 AM IST
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Magh fair took shape, Kalpavasi started coming to camps
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

गंगा में कटान व दलदल की दुश्वारियों के बीच माघ मेला आकार लेने लगा है। संगम क्षेत्र की अधिकांश भूमि दलदल होने की वजह से इस बार नागवासुकि व झूंसी ओर दो किमी तक मेले का विस्तार करना पड़ा है। आचार्यबाड़ा, दंडी स्वामी नगर और खाक चौक के साधु-संतों के शिविरों के निर्माण अंतिम दौर में पहुंच गए हैं। त्रिवेणी मार्ग के उत्तर पटरी पर द्वारका-शारदा और ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य  स्वामी स्वरूपानंद के शिविर का भी निर्माण आरंभ हो गया। इसी के साथ कल्पवासियों के भी आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अधूरी तैयारियों केबीच माघ मेला 10 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर प्रथम स्नान से आरंभ होकर महाशिवरात्रि के आखिरी स्नान पर्व 21 फरवरी तक चलेगा।

Magh fair took shape, Kalpavasi started coming to camps
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

पांच सेक्टरों में माघ मेला बसने के अंतिम दौर में है। अभी न तो हर सेक्टर तक पहुंचने के लिए मार्ग तैयार हो रहे हैं। बिजली व्यवस्था का कार्य भी अभी जारी है। ज्यादातर इलाकों में दलदल होने की वजह से जल निगम के अभियंता पेयजल पाइप लाइनों को भी बिछाने में पिछड़ गए हैं। कटान व दलदल केचलते संगम क्षेत्र समेत अक्षयवट मार्ग, महावीर मार्ग, त्रिवेणी मार्ग पर भूमि कम होने की वजह से करीब दो किमी तक उत्तर की ओर मेले का विस्तार करना पड़ा है।

Magh fair took shape, Kalpavasi started coming to camps
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

तीर्थपुरोहितों, कल्पवासियों के अलावा अन्य आध्यात्मिक संस्थाओं को ओल्ड जीटी के उत्तर ही बसाया जा रहा है। इस बीच झूंसी से लेकर ओल्ड जीटी, शास्त्री पुल के बीच मेले की रंगत दिखने लगी है। साधु-संतों, कल्पवासियों के लिए संगम तट पर महीने भर के जप, तप, ध्यान के लिए तंबुओं की नगरी का स्वरूप अब दिखने लगा है। शिविरों में रोजमर्रा की जिंदगी की गाड़ी हांकने का सिलसिला शुरू हो गया। सेक्टरवाइज दुकानें भी खुल गई हैं। बृहस्पतिवार को सैकड़ों की तादाद में कल्पवासी साजो सामान केसाथ अपने शिविरों में पहुंच गए।

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Magh fair took shape, Kalpavasi started coming to camps
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
शिविरों को बसाने में संतों-भक्तों को मुश्किलें
साधु-संतों, भक्तों व कल्पवासियों की परेशानी दलदल केचलते बढ़ती जा रही है। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी महासभा (दंडीबाड़ा) के सचिव ब्रह्माश्रम महाराज ने ओल्ड जीटी के उत्तर अपने शिविर में डेरा डाल दिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। दंडी स्वामी नगर में सौ से अधिक शिविर तैयार हो चुके हैं। स्वामी ब्रह्माश्रम ने बताया कि दद केचलते शिविरों को बसाने में जबरदस्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार रेत दलदल भूमि पर पाटी जा रही है। उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद ऐसी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उधर, प्रयागवाल सभा के राजेंद्र पालीवाल ने भी कई क्षेत्रों में दलदल के चलते भूमि कम पड़ने और कल्पवासियों को संगम से काफी दूर बसाने पर चिंता जताई। 
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

प्रमुख सचिव वित्त ने विभाग में देखी कार्य संस्कृति
प्रमुख सचिव वित्त भुवनेश कुमार ने बृहस्पतिवार को संगम प्लेस स्थित लोकल फंड ऑडिट विभाग कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने फाइलों के रखरखाव, काम करने के तरीके आदि को देखा और कर्मचारियों से जानकारी ली। उन्होंने पुराने मामलों के तत्काल निस्तारण का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव माघ मेले में भी गए तथा बड़े हनुमान, अक्षयवट और पाताल पुरी का दर्शन किया।

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