झूंसी के आरकेपुरम कालोनी में एक दिन पहले हुई घटना में मृतक छात्रा सौम्या तिवारी के पिता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगवा करने के विरोध पर उनकी बेटी की हत्या कर दी गई। आरोपी अरसान काले रंग की कार लेकर उनकी बेटी को अगवा करने पहुंचा था और उसके तीन साथी भी वहां मौजूद थे। अपहरण में नाकाम रहने पर उसने मासूम बेटी की हत्या कर दी।
झूंसी मर्डर केस में पिता बोले, ‘अगवा करने आया था सिरफिरा, विरोध पर मार दिया बेटी को’
छात्रा के अधिवक्ता पिता मनोज तिवारी ने बताया कि घटना के वक्त वह कानपुर में थे। दोपहर तकरीबन सवा तीन बजे सूचना मिलने पर वह स्तब्ध रह गए और देर रात घर पहुंचे। उनका आरोप है कि अरसान उनकी बेटी सौम्या को अगवा करने के इरादे से काले रंग की कार लेकर पहुंचा था। जिसे लेकर एक युवक हवेलिया शिव मंदिर के पास खड़ा था।
विरोध पर सौम्या की हत्या कर दी। आरोप है कि वारदात में अरसान के बाइक सवार तीन साथी भी शामिल थे। उन्होंने झूंसी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया। कहा कि खुलेआम सिरफिरा युवक अवैध असलहा लेकर आवासीय कालोनी में घूमता रहा और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। उधर, रविवार दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद युवती के शव का अंतिम संस्कार दारागंज घाट पर किया गया। अरसान के शव को पजिरन घूरपुर स्थित पैतृक गांव ले गए जहां उसे सुपुर्दे खाक किया गया।
...तो सही साबित हुई हत्या के बाद खुदकुशी की थ्योरी
झूंसी में मृतक छात्रा व युवक के शव के पोस्टमार्टम के दौरान जो बातें सामने आईं, उससे पुलिस की ‘हत्या के बाद खुदकुशी की थ्योरी’ लगभग सही साबित हुई है। दरअसल सूत्रों की मानें तो मृतक के शरीर पर गोली लगने के जो निशान मिले हैं, उससे इस थ्योरी को बल मिला है। पोस्टमार्टम के दौरान मृतकों के सिर पर मिले जख्मों के निशान को देखने से यह बात सामने आई है कि दोनों पर असलहा सटाकर गोली चलाई गई। अब क्योंकि सीसीटीवी फुटेज देखने से यह बात सामने आई है कि छात्रा की मौत के बाद गली से निकले अरसान के आसपास कोई भी मौजूद नहीं था, इससे माना जा रहा है कि मामला हत्या के बाद खुदकुशी का है।
उधर पोस्टमार्टम के दौरान मृतक अरसान की जेब से एक कारतूस मिलने पर डॉक्टर हैरान रह गए। दोपहर मेें पोस्टमार्टम से पहले कपड़ों की जांच कराई गई तो कारतूस मिलने की जानकारी हुई। जिससे यह भी माना जा रहा है कि मृतक तीन कारतूस लेकर वहां पहुंचा था। हालांकि इससे झूंसी पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। साफ है कि शव मर्चरी भेजे जाने से पहले पुलिस ने ठीक ढंग से मृतक के कपड़ों की तलाशी नहीं ली। युवक के माथे के ऊपर गोली लगी थी जबकि छात्रा के सिर में दाहिनी ओर गोली मारने का निशान था। दोनों के सिर में गोली फंसी मिली।
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