करेली के बख्शीमोढ़ा में लौटन निषाद की हत्या में नामजद आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कराए जाएंगे। करेली पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। जिसके तहत पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि नामजद आरोपियों में से किसके पास असलहे का लाइसेंस है।
{"_id":"5e8cc87c8ebc3e769b06fd8a","slug":"lautan-nishad-massacre-arms-license-of-murderers-to-be-canceled-action-started","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लौटन निषाद हत्याकांडः निरस्त होंगे हत्यारोपियोें के शस्त्र लाइसेंस, कार्रवाई शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लौटन निषाद हत्याकांडः निरस्त होंगे हत्यारोपियोें के शस्त्र लाइसेंस, कार्रवाई शुरू
Wed, 08 Apr 2020 12:07 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 08 Apr 2020 12:07 AM IST
विज्ञापन
लौटन निषाद (फाइल फोटो)
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
बक्शीमोढ़ा में पांच अप्रैल को लौटन निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 10 नामजद व छह-सात अज्ञात आरोपियों पर हत्या समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। नामजद आरोपियों में से कई का आपराधिक इतिहास है। यही नहीं जांच में जुटी पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इनमें से कुछ के पास लाइसेंसी असलहे भी हैं। ऐसे में उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
रिवाल्वर
- फोटो : अमर उजाला
इसके तहत पुलिस ने असलहा अनुभाग से सूची मांगी है जिससे पता लग सके कि नामजद आरोपियों में से किन-किन के नाम पर लाइसेंस जारी हुआ है। दरसअल सूत्रों का कहना है कि कुछ आरोपियों के बारे में सूचना मिली है कि उन्होंने पूर्व पते पर लाइसेंस जारी कराए लेकिन अब अपना पता बदल दिया है। उधर सूत्रों का कहना है कि हत्या में नामजद जाकिर अली, नूर अख्तर, सेबू, शादाब के पास लाइसेंस असलहे हैं। मामले में करेली थाना प्रभारी अनिल सिंह का कहना है कि नामजद आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पता लगाया जा रहा है कि किसके नाम से शस्त्र लाइसेंस हैं। जानकारी मिलते ही उच्चाधिकारियों के माध्यम से जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।