माघी पूर्णिमा से दो दिन पहले ही रविवार को शहर में पर्व जैसे हालात रहे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सड़कों पर नजर आई। नतीजा यह हुआ कि मेला क्षेत्र व उसके आसपास के इलाकों में दिनभर भीषण जाम लगा रहा। जिसके असर अन्य मार्गों के यातायात पर भी पड़ा। हाल यह रहा कि सुबह शुरू हुआ जाम रात तक खत्म नहीं हो सका था और वाहनों के रेंगने का सिलसिला जारी रहा।
Kumbh 2019 :ध्वस्त हुए इंतजाम, भीषण जाम, माघी पूर्णिमा से एक दिन पहले ही करना पड़ा ट्रैफिक डायवर्जन
फिर चाहे जीटी जवाहर हो या फिर सोहबतियाबाग, बैरहना हो, चुंगी या झूंसी पुल, हर तरफ वाहनों की कतार ही नजर आई। नए यमुना पुल पर टोल प्लाजा तक वाहन रेंगते रहे। हालात यह रहे कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। स्थिति इस कदर गंभीर हो गई कि कई जगहों पर पुलिस को बैरिकेडिंग करनी पड़ी। सीएमपी के सामने बैरिकेडिंग कर चारपहिया वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।उधर, बैरहना में भी चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई। मेला क्षेत्र में तो हालात और भी बुरे रहे। यहां सड़कों पर पांव रखने की भी जगह नहीं रही। हालात यह रहा कि मेला के साथ ही थानों की पुलिस को भी जाम खुलवाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।
एक दिन पहले ही लागू करना पड़ा प्रतिबंध
आमतौर पर स्नान पर्व के एक दिन पहले से ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किया जाता है। हालांकि रविवार को उपजे हालात को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को एक दिन पहले ही प्रतिबंध लागू करना पड़ा। इसके तहत बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन पार्किंग स्थलों में खड़े करा दिए गए। सुबह 11 बजे के करीब चौतरफा वाहनों की कतार को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
हालांकि इस समय तक भी बड़ी संख्या में वाहन शहर में प्रवेश कर चुके थे और यही वजह रही कि राहगीर जबरदस्त जाम में जूझते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस अफसर चाहे जितने भी दावे करें लेकिन पौष पूर्णिमा से ही कमोबेश जाम की यही हालत बनी हुई है। बैरहना, जीटी जवाहर, चुंगी, अलोपीबाग फ्लाईओवर पर रोजाना राहगीरों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। इसके चलते नए यमुना पुल व झूंसी पुल से आने-जाने वालों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस समस्या से निपटने के लिए ही अलोपीबाग फ्लाईओवर पर एक महीने से सोहबतियाबाग की ओर जाने वाला व उधर से आने वाले रास्ते पर इंट्री रोक दी गई है। फिर समस्या जस की तस है।