भक्ति,मोक्ष और पुण्य के तट पर रविवार को मौनी अमावस्या की डुबकी लगाने के लिए आस्था की अनंत लहरों के उफान से तीर्थराज प्रयाग का हर कोना भक्ति के सागर में डूब गया। सड़कों से संगम तक हर तरफ सिर ही सिर नजर आने लगे। पांटून पुलों पर लंबी कतारें धक्कामुक्की करते बढ़ीं, तो शिविरों से लेकर रेती तक लोग पट गए। 32सौ हेक्टेयर वाले विशाल क्षेत्रफल में बसे दिव्य कुंभ में मौनी अमावस्या का योग लगने से पहले ही कुंभ मेला प्रशासन ने एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में डुबकी लगाने का दावा किया। भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज आने वाले मार्गों पर वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। संगम जाने वाली सड़कों पर दो पहिया, चार पहिया वाहनों की इंट्री पूर्णतया रोक दी गई है,ताकि पैदल श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो सके।
मौनी अमावस्या से पहले एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, देखें तस्वीरें...
न किसी को धक्का खाने की चिंता थी न मीलों पैदल चलने की। बहुएं सासू मां के आंचल का खूंट थामकर चल रही थीं, तो बच्चे माता-पिता के सिर पर सवार होकर संगम की अद्भुत आभा के बीच से गुजर रहे थे। शहर से कुंभ मेला के इंट्री प्वाइंट तक ही नहीं, फिर मेला क्षेत्र के अंदर तक सिर पर गठरी ही गठरी ही दिखाई दे रही है। बसों, ट्रैक्टर-ट्रालियों व निजी वाहनों को झूंसी, अंदावा, फाफामऊ, नेहरू पार्क के पास रोक दिए जाने से हर तरफ से पैदल कारवां उमड़ता रहा। बख्शीबांध, नागवासुकि, गंगोली शिवाला, ओल्ड जीटी, काली मार्ग, त्रिवेणी मार्ग, जगदीश रैंप, अरैल के पुलों पर देर रात तक लंबी कतारें लगी रहीं और लोग तिल-तिलकर रेंगते हुए शिविरों में पहुंचते रहे। हर्षवर्धन चौराहा, डीपीएस, देव प्रयाग के पास की पार्किंग दोपहर तक ही फुल हो गई।
संगम की ओर जाने वाले मार्गों पर रविवार शाम तक भीड़ का दबाव बढऩे से हर कोना पैक हो गया। स्थिति यह हो गई कि संगम की तरफ जाने वाली चकर्ड प्लेट की सड़कों के दोनों तरफ माघ की कड़ाके की ठंड की परवाह किए बगैर लोग रेती पर चादरें तान कर कुनबे के साथ पड़ गए। संगम क्षेत्र में बैठने की छोडि़ए खड़े होने तक की जगह नहीं बची। पुलिस भी श्रद्धालुओं को आगे बढऩे के लिए दबाव बनाती रही।
ड्रोन कैमरों और सेना के हेलीकॉप्टरों से निगरानी
कुंभनगर। संगम पर पुण्य की डुबकी के लिए देश-दुनिया से उमड़े जन सैलाब की सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। सुबह से ही ड्रोन कैमरों से जहां हर चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाने लगी, वहीं सेना के हेलीकॉप्टरों से भी हिफाजत के लिए कड़ी निगहबानी शुरू कर दी गई। वाच टावरों से पल-पल हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
-03 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने का अनुमान
-01 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या के योग से पहले ही लगाई डुबकी
-13 अखाड़े सुबह 6:15 बजे से संगम में करेंगे शाही स्नान