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Prayagraj flood news: बाढ़ का पानी तटवर्ती गांव के घरों में घुसा, मचा हड़कंप 

Wed, 02 Sep 2020 06:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 02 Sep 2020 06:51 PM IST
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Five pairs of trains including Kanpur Intercity are operational from today
prayagraj news - फोटो : prayagraj

बांध और बैराजों से छोड़े गए पानी ने मंगलवार की शाम से झूंसी के तटवर्ती इलाकों में अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। गंगा-यमुना में आए भारी उफान के कारण झूंसी कोहना और नई झूंसी में गंगातट के किनारे बने मकानों के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी दाखिल हो गया। प्रभावित परिवारों ने मकान के दूसरे मंजिल में अपना ठौर जमाया है। बाढ़ के पानी में झूंसी के आधा दर्जन से ज्यादा कछारी गांव के खेत समाने लगे हैं। इससे सैकड़ों बीघे फसल भी नष्ट हो गई है। 

Five pairs of trains including Kanpur Intercity are operational from today
prayagraj news - फोटो : prayagraj

बांध और बैराजों से पांच दिन पहले कई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। मंगलवार की शाम बाढ़ का कानपुर-प्रयागराज होते हुए झूंसी तक पहुंच गया। इससे गंगा के किनारे बसे परिवारों में हड़कंप मच गया। झूंसी कोहना गांव तथा नई झूंसी में किनारे बने मकानों के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी दाखिल हो गया। प्रभावित परिवारों ने मकान के ऊपरी मंजिल में ठौर जमाया है। देर शमा तक प्रभावित परिवार के लोग अपना सामान समेटते रहे।

Five pairs of trains including Kanpur Intercity are operational from today
prayagraj news - फोटो : prayagraj

इसके साथ ही झूंसी के कछारी गांव के खेतों को भी बाढ़ के पानी में अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। गंगा का जलस्तर बढऩे पर कछार के बदरा-सोनौटी, ढोलबजवा, हेतापट्टी, शेरडीह समेत आधा दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।

बाढ़ के पानी के कारण सैकड़ों बीघे फसल भी बर्बाद हो गई है। बुधवार की देर शाम तक बाढ़ के पानी के बढऩे का क्रम चलता रहा। ग्रामीणों की माने तो हर घंटे बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। अगर जलस्तर बढ़ता रहा तो बृहस्पतिवार की शाम तक बदरा-सोनौटी मार्ग भी बाढ़ की चपेट मेें आ जाएगा। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से ग्रामीण बुरी तरह भयभीत हैं। 

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Five pairs of trains including Kanpur Intercity are operational from today
prayagraj news - फोटो : prayagraj

चार साल पहले बाढ़ ने मचाई थी तबाही

गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से झूंसी के एक दर्जन कछारी गांवों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। चार साल पहले बाढ़ ने प्रभावित गांवों में जमकर तबाही मचाई थी। ग्रामीणों के मेहनत की कमाई से तैयार किया गया आशियाना पल भर में ही बाढ़ ने ढहा दिया था। यही वजह है कि बरसात के मौसम में तटवर्ती गांव के ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों पर चले जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर के बढऩे का क्रम जारी रहा तो भारी तबाही से इंकार नहीं किया जा सकता है। 

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Five pairs of trains including Kanpur Intercity are operational from today
prayagraj news - फोटो : prayagraj

कुंभ में बने करोड़ों के छतनाग स्नान घाट भी डूबे 

कुंभ मेले के दौरान दो साल पहले छतनाग गांव में करोड़ों रूपये की लागत से तैयार किए गए दोनों पक्के स्नान घाट भी बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। कुंभ मेले के बजट से झूंसी के छतनाग गांव में श्मशान घाट के पास और नागेश्वर मंदिर के सामने स्नान घाट तैयार किया गया था। मेले के दौरान विभिन्न जिलों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने यहा पुण्य की डुबकी लगाई थी। मंगलवार को बाढ़ के पानी ने इन दोनों स्नान घाटों को भी अपनी चपेट में ले लिया। श्मशान घाट के डूबने से शवों का अंतिम संस्कार में भी भारी दिक्कत हो रही है।
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